पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। तिरोड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गुड़रूघाट में रविवार की अलसुबह गौवंश के अवशेष मिलने की घटना से समूचे क्षेत्र में भारी तनाव और हडक़ंप मच गया। श्मशान घाट स्थित शिव मंदिर के समीप गाय का सिर और अन्य अवशेष पड़े होने की खबर फैलते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन मौके पर जमा हो गए। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने मिरगपुर चौक सडक़ पर बैठकर उग्र विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शिव मंदिर के पास मिले अवशेष ग्रामीणों में रोष
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार सुबह कुछ स्थानीय ग्रामीण श्मशान घाट की दिशा में पशु चराने गए थे। इसी दौरान उन्हें शिव मंदिर के निकट गौवंश का कटा सिर व अन्य अवशेष दिखाई दिए। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना गुड़रूघाट के सरपंच दिलीप बिसेन और मिरगपुर के सरपंच दीपक देशमुख को दी। दोनों जनप्रतिनिधियों के मौके पर पहुँचने के साथ ही ग्रामीणों का गुस्सा फू ट पड़ा और उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्यवाही की मांग को लेकर मार्ग चक्काजाम कर दिया। जहां पर टायर जला कर मामले में त्वरित कार्यवाही की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की जाती रही। घटना की संवेदनशीलता और माहौल की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल एवं वारासिवनी एसडीओपी भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुँचे। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों को निष्पक्ष और त्वरित कार्यवाही का आश्वासन देकर शांत कराया। इसके पश्चात पुलिस ने अवशेषों को अपने कब्जे में लेकर फ ॉरेंसिक व वैधानिक जांच हेतु भेज दिया।
३ आरोपी गिरफ्तार नेटवर्क की पड़ताल जारी
मामले की जांच के दौरान पुलिस की टीम ने गुड़रूघाट निवासी मुख्य संदिग्ध धनेन्द्र मरठे पिता थानसिंह मरठे के मकान पर छापामार कार्यवाही की। तलाशी के दौरान संदिग्ध के घर से लगभग ४० किलोग्राम संदिग्ध मांस बरामद हुआ जिसे प्राथमिक दृष्टि से गौमांस माना जा रहा है। पुलिस ने जब्त सामग्री को सील कर प्रयोगशाला जांच के लिए भेज दिया है। वहीं पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए इस घटना में संलिप्त तीन आरोपी राजू पिता हिरालाल रहांगडाले निवासी टेकाड़ी,धनेन्द्र पिता थानसिंह मरठे निवासी गुड़रूघाट, अभिषेक पिता धनेन्द्र मेश्राम निवासी गुड़रूघाट को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं मामले का चौथा आरोपी रामनाथ मराठे निवासी मिरगपुर फि लहाल फ रार है जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गौवंश अधिनियम व गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
तिरोड़ी पुलिस ने मध्य प्रदेश गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराध पंजीकृत किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार घटना ९ अगस्त की अलसुबह की बताई जा रही है। पुलिस अब इस बिंदु पर गहनता से जांच कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे गौमांस की तस्करी या अवैध सप्लाई का कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है। एसडीओपी ने स्पष्ट किया है कि मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
शमशान मार्ग पर स्थित शिव मंदिर के पास गाय काटकर फेंक दी गई थी – दीपक देशमुख
दीपक देशमुख ने बताया कि सुबह गुड्डू घाट सरपंच ने मुझे अवगत कराया कि गुड्डू घाट शमशान मार्ग पर स्थित शिव मंदिर के पास गाय काटकर फेंक दी गई थी। गाय का पूरा मांस गायब था सर और उसकी अटरिया फेक थे और कुछ लोगों को गौमांस बेचते हुए भी देखा गया था। इस संबंध में कार्यवाही किए जाने को लेकर यह प्रदर्शन किया जा रहा है,यदि कार्यवाही तत्काल रूप से नहीं होती है तो यह आंदोलन उग्र हो सकता है।
मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की मांग की है – दिलीप बिसेन
वहीं गुड़रूघाट सरपंच दिलीप बिसेन ने कहा कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने भी मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो।
मामले में बारीकी से जांच की जा रही है-एसडीओपी
वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि गुड़रूघाट के शमशान मार्ग पर शिव मंदिर के पास से गौवंश का सिर एवं अन्य अवशेष बरामद किए गए हैं। मामले में तिरोड़ी थाने में गौवंश अधिनियम एवं अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है। तीन आरोपियों को राउंडअप कर मांस भी बरामद किया गया है ,एक आरोपी फरार है इस मामले में अभी बारीकी से जांच की जा रही है। यह जो चैन है की गौवंश कहां से ला रहे हैं कौन कौन इसका उपयोग कर रहा है ,कहीं सप्लाई तो नहीं हो रहा है इस प्रकार तमाम जानकारियां एकत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है










































