स्कूल में जब कोई बच्चा पहली बार पेंसिल बाएं हाथ में पकड़ता है तो कई बार उसे टोक दिया जाता है। उससे कहा जाता है कि दाएं हाथ से लिखो। कुछ बच्चों को तो लगातार दाएं हाथ से लिखने की आदत डालने की कोशिश भी की जाती है।
हालांकि विज्ञान के अनुसार बाएं हाथ का अधिक इस्तेमाल करना कोई बीमारी या कमी नहीं है। यह व्यक्ति के शरीर और मस्तिष्क के काम करने के तरीके से जुड़ी सामान्य विशेषता है। इंदौर में भी ऐसे कई लोग हैं, जिनके लिए बाएं हाथ से लिखना, खाना, मोबाइल चलाना या दूसरे काम करना बिल्कुल सामान्य है।













































