सुकली मैंगनीज मॉयल में मजदूरों के शोषण का आरोप
मजदूरों ने किया 2-3 महीने तक मजदूरी नहीं मिलने का दावा
कहा- आवाज उठाने पर काम से निकालने की मिलती है धमकी
मजदूरों ने सरपंच को सौंपा शिकायत पत्र, आंदोलन की भी दी चेतावनी
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पदमेश न्यूज़।बालाघाट। तिरोड़ी तहसील के ग्राम सुकली में संचालित मैंगनीज मॉयल में काम करने वाले ग्रामीण मजदूरों ने ठेकेदार और प्रबंधन पर आर्थिक शोषण एवं कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। मजदूरों का कहना है कि उन्हें नियमित रूप से मजदूरी नहीं मिल रही है और कई बार दो से तीन महीने तक भुगतान अटका रहता है। मजदूरी मांगने पर कथित तौर पर काम से निकालने की धमकी दी जाती है। मामले को लेकर बुधवार को मजदूरों ने ग्राम पंचायत सुकली के सरपंच घनश्याम कुंजाम को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई और न्याय की मांग की है।साथ ही मजदूरों ने तत्काल भुगतान की मांग करते हुए,मजदूरी का पूर्ण भुगतान ना होने पर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।
महीनों तक भुगतान अटकने का आरोप
मजदूरों के अनुसार वे रोजाना खदान में जोखिम उठाकर काम करते हैं, लेकिन मेहनत की मजदूरी समय पर नहीं मिलती। उनका आरोप है कि भुगतान मांगने पर ठेकेदार द्वारा आज-कल का हवाला देकर उन्हें लौटा दिया जाता है। दो से तीन महीने तक मजदूरी नहीं मिलने के कारण गरीब मजदूरों के परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो रहा है।
शिकायत पर भी नही हो रही सुनवाई
मजदूरों का आरोप है कि उन्होंने कई बार मौखिक रूप से मॉयल प्रबंधन से शिकायत की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। शिकायत करने वाले मजदूरों को कथित तौर पर काम से निकालने की धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। मजदूरों का कहना है कि रोजगार छिनने के डर से कई श्रमिक अपनी समस्याएं खुलकर सामने नहीं रख पा रहे हैं।
स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं देने का आरोप
शिकायत में मजदूरों ने सुकली मॉयल में पिछले करीब 6-7 वर्षों से रोजगार के अवसर नहीं बढ़ने का भी मुद्दा उठाया है। उनका आरोप है कि मॉयल का उत्पादन बढ़ने के बावजूद स्थानीय बेरोजगार युवाओं को पर्याप्त रोजगार नहीं दिया जा रहा है और बाहरी लोगों को लाकर काम कराया जा रहा है। मजदूरों ने 6 सूत्रीय शिकायत के माध्यम से मॉयल में संचालित गतिविधियों और स्थानीय रोजगार से जुड़े मुद्दों की जांच की मांग की है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी शिकायत पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने बकाया मजदूरी का भुगतान कराने, मजदूरों को काम से निकालने की धमकी पर रोक लगाने और स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है।
प्रबंधन ने कहा- दस्तावेज दिखाएंगे
उधर मजदूरों के आरोपों को लेकर मॉयल प्रबंधक आर.एस. दुबे से दूरभाष पर संपर्क किया गया। उन्होंने आरोपों को लेकर विस्तृत प्रतिक्रिया देने के बजाय कहा कि कार्यालय आने पर वे संबंधित दस्तावेज दिखाएंगे, जिनमें मजदूरों द्वारा लगाए गए आरोपों का जवाब मिल सकता है। ऐसे में अब मजदूरों की शिकायत और प्रबंधन के दस्तावेज सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।










































