ढूटी नहर की जर्जर पुलिया बनी हादसों का खतरा,चौड़ीकरण की मांग अनसुनी

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वाहनों की आवाजाही से राहगीर परेशान,टूटी सेफ्टीवाल के कारण नहर में गिरने का बना रहता है खतरा

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम मेहंदीवाड़ा से खापा मार्ग पर ढूटी नहर के ऊपर बनी जर्जर और संकरी पुलिया राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पुलिया की हालत इतनी खराब है कि यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों, विद्यार्थियों और ग्रामीणों को हर दिन दुर्घटना की आशंका के बीच आवागमन करना पड़ता है। पुलिया के दोनों ओर सुरक्षा के लिए बनाई गई सेफ्टीवाल के कई हिस्से टूट चुके हैं जिससे नहर में गिरने का खतरा बना हुआ है। इसके बावजूद लंबे समय से पुलिया की मरम्मत, चौड़ीकरण और नए निर्माण की मांग पर ध्यान नहीं दिए जाने से ग्रामीणों में नाराजगी व्याप्त है।

जर्जर पुलिया पर भारी वाहनों का दबाव

जानकारी के अनुसार मेहंदीवाड़ा से खापा मार्ग पर वारासिवनी से खैरलांजी की ओर जाने वाली ढूटी नहर के ऊपर वर्षों पहले पुलिया का निर्माण कराया गया था। इसके बाद से समुचित देखरेख और मरम्मत के अभाव में पुलिया की स्थिति लगातार खराब होती गई। वर्तमान में पुलिया काफ ी संकरी है और इसके चारों कोनों पर बनी सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त होकर टूट चुकी है। पुलिया के आसपास गहरी नहर होने के कारण यहां से गुजरने वाले लोगों के लिए जोखिम बना रहता है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे बड़े वाहनों के साथ १२ से १४ चक्कों वाले भारी ट्रकों की आवाजाही होती है। मध्य प्रदेश शासन के कैप में धान भंडारण एवं परिवहन से जुड़े कार्यों के लिए भी इन ट्रकों का आवागमन बना रहता है। भारी वाहनों के लगातार दबाव के बीच संकरी पुलिया पर यातायात संचालित करना राहगीरों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। पुलिया की चौड़ाई कम होने के कारण दो भारी वाहन एक साथ यहां से नहीं निकल सकते। जब कोई ट्रक पुलिया पर पहुंचता है तब मोटरसाइकिल चालकों,साइकिल सवारों और पैदल राहगीरों को दूसरे वाहन के निकलने तक रुकना पड़ता है। पुलिया के दोनों ओर महज एक से डेढ़ फ ीट जगह बचने की स्थिति में छोटे वाहनों के लिए निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे में दिन में कई बार जाम जैसी स्थिति निर्मित होती है। जल्दबाजी या असावधानी की स्थिति में वाहन अनियंत्रित होकर नहर में गिरने की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिया की संकीर्णता और क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों के कारण यहां से गुजरना हमेशा जोखिम भरा रहता है। पुलिया की खराब स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष पुलिया के समीप रहने वाले एक परिवार की बकरी टूटी हुई सेफ्टीवाल के पास से गुजरते समय नहर में गिर गई जिससे उसकी मौत हो गई। यह मार्ग मेहंदीवाड़ा से खापा, बोदलकसा, बांसी और अंसेरा होते हुए कटंगी की ओर जाता है। इसके चलते आसपास के आधा दर्जन से अधिक ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आवागमन के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों के साथ साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी भी प्रतिदिन सुबह और शाम नगर मुख्यालय वारासिवनी में शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते जाते हैं। ऐसे में पुलिया की खराब स्थिति विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों एवं राहगीरों के द्वारा लंबे समय से पुलिया का नए सिरे से निर्माण कराने चौड़ीकरण करने और नहर के दोनों ओर पर्याप्त दूरी तक सुरक्षित रेलिंग लगाए जाने की मांग की जा रही है। जिस पर अभी तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है ग्रामीणों ने शासन प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि पुलिया का निरीक्षण कराकर आवश्यक सुधार कार्य जल्द शुरू किया जाए। साथ ही दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए क्षतिग्रस्त सुरक्षा दीवारों की मरम्मत और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि किसी बड़े हादसे से पहले समस्या का निराकरण हो सके।

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