केरल में दो महिला क्रिकेटरों ने मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर इतिहास रच दिया। दिया और भद्रा ने सीनियर मेंस क्रिकेट में हिस्सा लेकर पुरानी रूढ़ियों को तोड़ दिया कि पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट में महिला खिलाड़ी नहीं खेल सकती हैं। इन दोनों लड़कियों ने ‘नडुवथ प्रीमियर लीग’ (NPL) क्रिकेट टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से फैंस को काफी प्रभावित किया।स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। कभी सुना और देखा है कि मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट हो और उसमें लड़कों के साथ महिला क्रिकेटर खेलें? स्थानीय या क्षेत्रीय क्लब क्रिकेट में गाहे-बगाहे यह देखने को मिल जाता है कि प्रैक्टिस मैच के दौरान महिलाएं लड़कों के साथ खेलती हैं, ऐसा कम ही देखने को मिला है कि सीनियर स्तर पर पुरुषों का टूर्नामेंट हो और पुरुषों की टीम भी लेकिन, उसमें महिला खिलाड़ी भी खेलें। केरल के मलप्पुरम में यह अनोखी घटना देखने को मिली। जिसने सदियों पुरानी परंपरा को तोड़ दिया।
केरल में दो महिला क्रिकेटरों ने मेंस क्रिकेट टूर्नामेंट में हिस्सा लेकर इतिहास रच दिया। दिया और भद्रा ने सीनियर मेंस क्रिकेट में हिस्सा लेकर पुरानी रूढ़ियों को तोड़ दिया कि पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट में महिला खिलाड़ी नहीं खेल सकती हैं। इन दोनों लड़कियों ने ‘नडुवथ प्रीमियर लीग’ (NPL) क्रिकेट टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी से फैंस को काफी प्रभावित किया।
NPL के छठे सीजन में रचा गया इतिहास
दिया और भद्रा ने केरल के मलप्पुरम जिले के प्रमुख स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंटों में से एक NPL के छठे सीजन में मेंस खिलाड़ियों की टीम में जगह बनाकर अपने सफर की शुरुआत की। मैच के दौरान, खासकर दिया की गेंदबाजी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। जब दिया गेंदबाजी करने के लिए आगे बढ़ीं तो दर्शक बड़ी उत्सुकता से देखने लगे कि वह अनुभवी मेंस बल्लेबाजों के सामने कैसा प्रदर्शन करेंगी।दिया ने लिया पहली गेंद पर विकेट
हालांकि, दिया ने अपनी पहली ही गेंद पर विपक्षी टीम के एक बल्लेबाज को आउट करके सबको चौंका दिया। पहले ही ओवर में लिया गया उनका यह विकेट मैच के खास पलों में से एक बन गया, जिसकी क्रिकेट प्रेमियों ने खूब तारीफ की। वहीं, भद्रा ने बल्लेबाजी में अपने हुनर का प्रदर्शन किया।
दिया और भद्रा ने सीनियर मेंस खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए गजब का आत्मविश्वास और कौशल दिखाया। जिससे वे दर्शकों और क्रिकेट फैंस की चहेती बन गईं। पहले ओवर में दिया के शानदार प्रदर्शन ने सोशल मीडिया पर भी लोगों का ध्यान खींचा। उनकी इस भागीदारी ने यह साबित कर दिया कि लड़कियां क्रिकेट के मैदान पर न केवल पुरुषों के बराबर मुकाबला कर सकती हैं। बल्कि अपना हुनर भी दिखा सकती हैं, भले ही वह टूर्नामेंट पारंपरिक रूप से मेंस का ही क्यों न हो।
महिला क्रिकेटरों के लिए बनीं प्रेरणा
ANI से बातचीत में भद्रा ने बताया कि उन्होंने एक फ्री समर कैंप में क्रिकेट खेलना शुरू किया था और बाद में एक अकादमी से जुड़ गईं, जहां उनकी दोस्ती दिया से हो गई। जब उन्हें NPL टूर्नामेंट में खेलने का मौका मिला, तो उन्होंने दिया को भी अपने साथ इसमें शामिल होने के लिए कहा।
दिया और भद्रा के प्रदर्शन ने इस बात को भी रेखांकित किया है कि स्थानीय क्रिकेट टूर्नामेंटों में लड़कियों को और अधिक मौके दिए जाने चाहिए। उनकी इस कामयाबी ने खेल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने की नई उम्मीद जगाई है और यह युवा क्रिकेटरों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बन गई है।
क्या है क्रिकेट का रूल
क्रिकेट रूल के अनुसार, लड़कों के क्रिकेट टूर्नामेंट में केवल मेंस क्रिकेटर ही हिस्सा लेते हैं। वहीं, महिला क्रिकेट टूर्नामेंट में महिला खिलाड़ी खेलती हैं। हालांकि, इस घटना ने परंपरा को पीछे छोड़ते हुए नया इतिहास बना दिया है। इस घटना ने महिला क्रिकेटरों को अपने हुनर का लोहा मनवाने के लिए नई राह दिखा दी है।








































