शासन द्वारा सूचना का अधिकार अधिनियम इसलिए लागू किया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों की जानकारी शासन से मांग सके, लेकिन किरनापुर थाना बिनोरा गांव निवासी एक व्यक्ति द्वारा सूचना का अधिकार के तहत जानकारी मांगी गई तो उल्टा कुछ लोगों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी। लांजी पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
लांजी पुलिस ने एसडीओपी दुर्गेश आर्मो के नेतृत्व में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने सतीश शेंडे को बस में बिठालकर अपने साथ लांजी के दुल्हपुर लाये और उसकी हत्या कर दी और उसके शव को खेत में फेंक दिया था।
दरअसल पूरा मामला कुछ इस तरह से है कि 8 दिसंबर 2021 को लांजी थाना अंतर्गत दूल्हापुर गांव मुख्य सड़क के किनारे एक व्यक्ति का शव मिला था। जिसकी पहचान सतीश शेंडे निवासी बिनोरा थाना किरनापुर के रूप में की गई थी। इस अंधे कांड पुलिस द्वारा जांच शुरू की तो परत दर परत मामला खुलता गया और पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई।
पूरे घटनाक्रम के विषय में जानकारी देते हुए लांजी एसडीओपी दुर्गेश आर्य ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में इस हत्याकांड की जांच के लिए अलग-अलग टीम गठित की गई।
सीसीटीवी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपी रत्नदीप चौरे उम्र 26 वर्ष, राजकुमार चौर उम्र 52 वर्ष रोहित चौरे उम्र 20 वर्ष, अतुल नगपुरे उम्र 20 वर्ष, भारत भलावी उम्र 24 वर्ष, निवासी उमरिया काहीवाड़ा जिला सिवनी, सोहेल शेख उम्र 18 वर्ष निवासी वार्ड नम्बर 18 लांजी थाना लाजी जिला बालाघाट को गिफ्तार किया गया ।
हत्या का कारण मृतक सतीश शेंडे का आरोपी राजकुमार व उसके पुत्र रत्नदीप व रोहित से गरीबी रेखा का राशन कार्ड कटाने को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था । जिसको लेकर दिनांक 4 दिसम्बर .2021 को आरोपी राजकुमार रोहित व रत्नदीप ने अपने साथियों अतुल , भारत व सोहेल के साथ मिलकर उक्त घटना को कारित किया ।









































