मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो रहे सब इंजीनियर्स ने राहत की सांस ली है। हाई कोर्ट ने उनका दर्द गंभीरता से लिया। इसी के साथ उनके हक में आदेश सुनाया। इससे उनका संकट टल गया है। इंसाफ की आस पूरी हुई है। हाई कोर्ट ने साफ किया है कि चुनाव आयाग वैकल्पिक उपाय करे। इस तरह परेशान नहीं किया जा सकता। यह भविष्य का सवाल है। हाई कोर्ट ने चुनाव आयुक्त को निर्देश दिए हैं कि याचिकाकर्ता सब इंजीनियर्स को निर्वाचन ड्यूटी से दो दिन का अवकाश दें ताकि वे पीएससी की परीक्षा में शामिल हो सकें। न्यायमूर्ति विशाल धगट की एकलपीठ ने इस संबंध में कलेक्टर दमोह और मंदसौर को भी निर्देश जारी किए हैं। हाई कोर्ट ने शासकीय अधिवक्ता को जिम्मेदारी सौंपी है कि उक्त दोनों कलेक्टर को आदेश की प्रति तुरंत मुहैया करवाएं।
उपयंत्री मोहम्मद जाकिर और यश निगम ने याचिका दायर कर बताया कि उनकी चुनाव ड्यूटी क्रमश: दमोह व मंदसौर में लगी है। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आदित्य संघी ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पीएससी द्वारा तीन जुलाई को स्टेट इंजीनियरिंग सर्विसेज की परीक्षा आयोजित की गई है। परीक्षा केन्द्र केवल इंदौर, भोपाल, जबलपुर व ग्वालियर हैं। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने भी परीक्षा के लिए आवेदन किया है और अब चुनाव में ड्यूटी के कारण वे परीक्षा से वंचित हो जाएंगे। मांग की गई कि परीक्षा की तिथि आगे बढ़ा दी जाए या उनकी छुट्टी के आवेदन पर विचार किया जाए।मामले पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि अब छह जुलाई और 13 जुलाई को चुनाव हैं। परीक्षा के दिन यानी तीन जुलाई को कोई चुनाव नहीं है। हाई कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयुक्त व दोनों जिले के कलेक्टर याचिकाकर्ताओं को दो व तीन जुलाई का अवकाश प्रदान करें ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर फिर से हेडक्वाटर ज्वाइन कर सकें।










































