साडरा स्कूल की छत टपकने से छात्र छात्राए हो रही परेशान

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बारिश के दिनों में अक्सर शासकीय भवनों से पानी टपकने की समस्या बनी रहती है उसके बावजूद विभाग के द्वारा भवनों की मरम्मत व सुधार कार्य नहीं किया जाता जिसका खामियाजा उस भवन में कार्य करने वाले कर्मचारी हो या फिर विद्यालय में पढऩे वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ता है। ऐसा ही एक मामला लांजी क्षेत्र के ग्राम साडरा शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल में देखने को मिला जहां बारिश के कारण विद्यालय के 5 कक्षाओं की छत टपक रही है जिसके कारण विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा कक्षाओं की खिड़कियों और दीवारों में विद्युत करंट आने का डर हमेशा बना रहता है जिसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं बारिश के समय पानी टपकने से छात्र-छात्राओं को कक्षाओं में बैठने के लिए जगह भी नहीं मिलती है जिसके चलते विद्यार्थियों की पढ़ाई में भी असर पड़ रहा है। बता दे कि इस विद्यालय में कक्षा नवमी से लेकर बारहवीं तक 526 विद्यार्थी पढ़ाई करने के लिए आते है जिनके लिए अलग अलग कक्ष बने हुए है, लेकिन कक्षाओं में पानी टपकने से सभी विद्यार्थी एक साथ एक ही कक्षा में बैठते है। 
35 लाख रुपए की योजना से बनाया गया था स्कूल
ज्ञात हो कि इस विद्यालय का निर्माण वर्ष 2011-12 में 35 लाख रुपए की लागत से बैकवर्ड रीजन ग्रांट फंड योजना के तहत हुआ था। विद्यालय की बिल्डिंग जब बनी तब से ही छत से पानी टपकने की समस्या आ रही है जिस से ज्ञात होता है कि निर्माण कार्य में अनियमितता बरती गई है। इस मामले के संबंध में स्कूल विभाग के द्वारा मरम्मत के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है जिन्होंने स्कूल विभाग को मरम्मत करने के लिए आश्वस्त किया है।      
स्कूल मे΄ कभी भी हो सकता है हादसा – अभिभावक
बता दे कि परिजन अपने बच्चों को पढऩे के लिए स्कूल तो भेजते हैं, लेकिन स्कूल में टपक रहे पानी के कारण दीवारें पुरी तरह से गिली रहती है जिसके चलते उनके मन में हादसे का डर बना रहता है। अभिभावकों  ने बताया कि स्कूल की लाइट फिटिंग सही नहीं होने के कारण दीवारों और लोहे की खिड़कियों में करंट आ रहा है। वहीं बिजली करंट के कारण कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

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