एशियन गेम्स 2026 में भारत को दो और सिल्वर मेडल मिले। ये रजत पदक स्क्वैश में आए। अभय सिंह और अनाहत सिंह ने मेंस सिंगल्स और विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीता। दोनों को फाइनल मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा।स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। एशियाई खेलों में सिंगल्स स्क्वैश में गोल्ड मेडल के लिए भारत का इंतजार अभी जारी रहेगा। क्योंकि, मेंस और विमेंस के फाइनल मुकाबले में अभय सिंह और अनाहत सिंह को हार का सामना करना। दोनों ही खिलाड़ियों को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा है। साथ ही अनाहत और अभय दोनों ही ओलंपिक 2028 क्वालिफिकेशन स्पॉट से चूक गए। स्क्वैश लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक में डेब्यू करेगा।
दुनिया में 26वें नंबर के खिलाड़ी अभय सिंह गोल्ड मेडल के मुकाबले में दुनिया के 17वें नंबर के मलेशियाई खिलाड़ी ईन यो से सीधे गेम में हार गए। Eain Yow ने सीधे गेम में जीत हासिल कर अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा। ईन यो ने अभय को 9-11, 5-11, 5-11 से हराया। इस नतीजे से अभय को सिल्वर मेडल तो मिला, लेकिन वह ओलंपिक क्वालिफिकेशन स्पॉट से भी चूक गए।
सेमीफाइनल में पाकिस्तानी खिलाड़ी को दी थी मात
28 वर्षीय अभय सेमीफाइनल में पाकिस्तान के मुहम्मद इरफान को 11-3, 12-10, 11-6 से हराकर फाइनल में पहुंचे थे। वह सौरव घोषाल के बाद एशियाई खेलों के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय मेंस खिलाड़ी बने। 2024 में अर्जुन पुरस्कार पाने वाले अभय अप्रैल 2026 में PSA रैंकिंग में करियर के सर्वश्रेष्ठ 22वें स्थान पर पहुंचे थे और वर्तमान में 26वें स्थान पर हैं।फाइनल में हारीं अनाहत सिंह
वहीं, विमेंस स्क्वैश सिंगल्स के फाइनल मुकाबले में अनाहत सिंह को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। 18 साल की अनाहत के साथ भी ऐसा ही हुआ। उन्हें महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम से हार का सामना करना पड़ा। दुनिया की 17वें नंबर की भारतीय खिलाड़ी अनाहत, दुनिया की पांचवें नंबर की खिलाड़ी शिवसंगरी से 4-11, 4-11, 7-11 से हार गईं।
वर्ल्ड जूनियर टाइटल जीतने वाली पहली भारतीय अनाहत, शनिवार को जापान की दुनिया की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे के खिलाफ की गई वापसी जैसा प्रदर्शन इस बार नहीं कर पाईं। मलेशियाई खिलाड़ी ने अनाहत को लगातार विनर्स लगाने का मौका नहीं दिया और इसके बजाय लगातार अटैक करके उन पर दबाव बनाए रखा।
फिर भी रचा इतिहास
फिर भी, अनाहत के लिए यह एक यादगार टूर्नामेंट रहा। उन्होंने महान जोशना चिनप्पा और दीपिका पल्लीकल से आगे निकलकर एशियाई खेलों के इतिहास में महिलाओं के सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनने का कारनामा किया। साथ ही सिल्वर मेडल जीता।
यो और शिवसंगरी क्वालिफाई
वहीं, ईन यो और शिवसंगरी दोनों ही गोल्ड जीतने के साथ-साथ 2028 में लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक में स्क्वैश के डेब्यू के लिए क्वालिफाई करने वाले पहले दो एथलीट बन गए।






































