नई दिल्लीः तृणमूल कांग्रेस के कई बागी सांसदों ने सार्वजनिक तौर पर एनडीए को सपोर्ट देने की इच्छा जाहिर की है। हालांकि बीजेपी राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं और रणनीति बनाने में जुटी हुई है।
बीजेपी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी
बीजेपी के सूत्रों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि पार्टी जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेगी। पश्चिम बंगाल में उसका पूरा फोकस नई सरकार को स्थापित करने और स्थिर बनाने पर है। वहीं तृणमूल कांग्रेस में भागदौड़ मची हुई है और उसके कई नेता बीजेपी पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि बीजेपी तृणमूल के सभी बागी नेताओं को पार्टी में शामिल करने वाली है।तृणमूल के बागी गुट के साथ क्या करेगी बीजेपी
कुछ दिन पहले तृणमूल की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि पार्टी छोड़ रहे बागी सांसद एनडीए का समर्थन करेंगे। लेकिन बीजेपी ने साफ किया है कि तृणमूल के बागी गुट को पार्टी में समाहित करने नहीं जा रही है। बीजेपी नेताओं ने इकनॉमिक टाइम्स से बताया कि अच्छा यही होगा कि बागी सांसद लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखें और मूल तृणमूल कांग्रेस पर अपना दावा पेश करें। साथ ही पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति भी करें।
लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई छिड़ने की संभावना
बहरहाल, इस तरह के कदम से कानूनी लड़ाई शुरू हो सकती है, जैसा कि लोक जनशक्ति पार्टी, शिवसेना और NCP के मामलों में हुआ था, जहां बागी गुटों ने आखिरकार पार्टी का चुनाव चिह्न हासिल कर लिया और मान्यता प्राप्त पार्टी के तौर पर उभरे। हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में लंबी कानूनी और राजनीतिक लड़ाई छिड़ने की संभावना है, और बीजेपी सूत्रों का कहना है कि तृणमूल के नेता अपनी रणनीति पर काम कर रहे हैं।










































