Canara Bank अपने ग्राहकों को एफडी पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। अगर आप लंबी अवधि के लिए सुरक्षित निवेश का विकल्प खोज रहे हैं तो आप बैंक की 5 साल की एफडी में निवेश कर सकते हैंअगर आप अपने पैसे को सुरक्षित जगह पर निवेश करना चाहते हैं और बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं तो एफडी (FD) एक अच्छा विकल्प हो सकती है। सरकारी बैंक Canara Bank अपने ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की FD पर आकर्षक ब्याज दरें पेश कर रहा है। खास तौर पर लंबे समय के लिए निवेश करने वाले लोगों के लिए 5 साल की FD पर मिलने वाला ब्याज आकर्षक हो सकता है।
5 साल की एफडी पर कितना मिलेगा ब्याज
Canara Bank की 5 साल की FD पर सामान्य नागरिकों को 6.25 प्रतिशत सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं, सीनियर सिटिजन को सामान्य ग्राहकों की तुलना में 0.50 प्रतिशत ज्यादा ब्याज मिल रहा है। उनके लिए 5 साल की FD पर ब्याज दर 6.75 प्रतिशत है।
4 लाख रुपये की FD पर कितना मिलेगा रिटर्न
मान लीजिए कोई सामान्य नागरिक Canara Bank में 5 साल के लिए 4 लाख रुपये की FD करवाता है। 6.25 प्रतिशत की ब्याज दर के आधार पर 5 साल की अवधि पूरी होने पर उसे करीब 545416 रुपये मिलेंगे।वहीं, अगर 4 लाख रुपये की यही FD कोई सीनियर सिटिजन करवाता है तो उसे 6.75 प्रतिशत की ब्याज दर मिलेगी। इस हिसाब से 5 साल बाद उसकी मैच्योरिटी राशि करीब 558999 रुपये होगी।
इस तरह समान 4 लाख रुपये के निवेश पर सीनियर सिटिजन को सामान्य नागरिक की तुलना में करीब 13,583 रुपये ज्यादा मिल सकते हैं।
| विवरण | सामान्य नागरिक | सीनियर सिटिजन |
|---|---|---|
| निवेश राशि | ₹4,00,000 | ₹4,00,000 |
| FD अवधि | 5 साल | 5 साल |
| ब्याज दर | 6.25% | 6.75% |
| कुल ब्याज | ₹1,45,416 | ₹1,58,999 |
| मैच्योरिटी राशि | ₹5,45,416 | ₹5,58,999 |
FD में क्यों करें निवेश
FD को उन निवेशकों के बीच लोकप्रिय माना जाता है, जो अपने पैसे पर निश्चित ब्याज चाहते हैं और बाजार से जुड़े निवेश में जोखिम नहीं लेना चाहते। FD में निवेश करते समय ब्याज दर और अवधि पहले से तय होती है, इसलिए निवेशक को मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम का अनुमान लगाना आसान होता है।
हालांकि, FD का चुनाव करते समय सिर्फ ब्याज दर देखना काफी नहीं है। निवेशक को यह भी देखना चाहिए कि FD समय से पहले तोड़ने पर क्या नियम हैं, ब्याज किस तरह दिया जाएगा और बैंक की संबंधित FD स्कीम की अन्य शर्तें क्या हैं।
टैक्स का भी रखें ध्यान
यह भी ध्यान दें कि FD से मिलने वाला ब्याज टैक्स के दायरे में आ सकता है। यानी ऊपर बताई गई मैच्योरिटी राशि टैक्स के बाद कुछ कम हो सकती है। आपकी कुल आय और लागू आयकर नियमों के आधार पर FD के ब्याज पर टैक्स देनदारी बन सकती है। कुछ मामलों में बैंक ब्याज पर TDS भी काट सकता है।
इसलिए निवेश करने से पहले यह भी देखना जरूरी है कि टैक्स काटने के बाद आपको वास्तविक रूप से कितना रिटर्न मिलेगा।










































