नई दिल्ली: तमिलनाडु में एक नई पार्टी के सत्ता में आने के साथ ही, दक्षिण भारत के इस बड़े निवेश केंद्र पर सबकी पैनी नजर है। जैसे-जैसे निवेश के लिए मुकाबला तेज हो रहा है, पड़ोसी राज्य चुपके से तमिलनाडु से प्रोजेक्ट्स छीनने के मौके तलाश रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय निवेशकों को नीतियों में निरंतरता का भरोसा दिला रहे हैं। कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों ने सत्ता में हुए इस बदलाव में अपने लिए एक मौका देखा है। चूंकि विजय की पार्टी TVK की नीतियां अभी तक पूरी तरह से परखी नहीं गई हैं, इसलिए ये राज्य निवेशकों को अपनी ओर खींचने के लिए जोर-शोर से कोशिशें कर रहे हैं।
तमिलनाडु के प्रोजेक्ट्स पर दूसरे राज्यों की नजर
सूत्रों के अनुसार, भारत की आधिकारिक राष्ट्रीय निवेश प्रोत्साहन और सुविधा एजेंसी ‘इन्वेस्ट इंडिया’ ने पिछले छह महीनों में तमिलनाडु सरकार की ओर से हस्ताक्षरित सभी MoU (समझौता ज्ञापनों) की समीक्षा की है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि निवेशकों ने अपनी प्रतिबद्धताओं में कोई बदलाव तो नहीं किया है। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद से ही थलपति विजय इंडस्ट्री के बड़े नामों से लगातार बातचीत कर रहे हैं। पिछले 10 दिनों में उन्होंने कई बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की है।










































