इंग्लैंड में लगातार दो टेस्ट हारने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने 7 खिलाड़ियों को स्वदेश भेज दिया। अब एक और कार्रवाई करते हुए कुछ खिलाड़ियों के फोन जांच के लिए जब्त कर लिए हैं। फर्जी इंजरी के शक में इमाम-उल-हक और अनुशासनहीनता के आरोप में मोहम्मद रिजवान समेत 7 खिलाड़ियों व कोच सरफराज अहमद को पाकिस्तान भेजकर 7 नए खिलाड़ियों को स्क्वाड में शामिल किया गया है।स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट एक बार फिर गहरे संकट से गुजर रहा है। लीड्स और लॉर्ड्स टेस्ट में बुरी तरह हारने के पीसीबी ने कड़ा रुख अपनाते हुए 7 खिलाड़ियों और दो कोच को स्वदेश भेज दिया। अब मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पीसीबी ने जांच के सिलसिले में कई खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कस्टडी में ले लिए हैं।
इसके चलते पाकिस्तान टीम में मैच फिक्सिंग की सुगबुगाहट होने लगी है। आईसीसी के एंटी करप्शन नियमों के तहत खिलाड़ियों के फोन केवल असाधारण परिस्थितियों या सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग की जांच के दौरान ही जब्त किए जा सकते हैं। पीसीबी के फोन जब्त करने पर मैच फिक्सिंग की बू आने लगी है।
नहीं हुई आधिकारिक पुष्टि
हालांकि, रिपोर्ट में आधिकारिक तौर पर एंटी-करप्शन की जांच का जिक्र नहीं हुआ है। फिर भी पीसीबी द्वारा फोन जमा कराने से सवाल खड़े हो गए हैं। नियम के मुताबिक, अगर कोई खिलाड़ी जांच अधिकारी को फोन देने से मना करता है तो उसे आईसीसी आचार संहिता का उल्लंघन माना जाता है।क्या कहता है आईसीसी का नियम
मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों के उपयोग पर आईसीसी के अनुच्छेद 4 में कई नियमों का विस्तार है।
4.1.1 पीएमओए में किसी भी व्यक्ति को किसी भी कारण से, चाहे इंटरनेट का उपयोग करने के लिए हो या अन्यथा, किसी भी मोबाइल डिवाइस का उपयोग करने और/या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
4.1.2 पीएमओए में किसी भी व्यक्ति को किसी भी कारण से, चाहे इंटरनेट का उपयोग करने के लिए हो या अन्यथा, किसी भी लैपटॉप कंप्यूटर (या किसी अन्य समान संचार उपकरण) का उपयोग करने और/या ले जाने की अनुमति नहीं होगी।
4.1.3 किसी भी व्यक्ति को पीएमओए के अंदर से कॉल करने या पीएमओए के बाहर से कॉल प्राप्त करने में सक्षम किसी भी स्थिर/लैंडलाइन (या इसी तरह के) टेलीफोन का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
गंभीर स्थिति की ओर इशारा
पीसीबी की कार्रवाई में गौर करने वाली बात है यह कि सामान्य मैच के दिनों में ड्रेसिंग रूम में जाने से पहले सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के फोन और स्मार्ट वॉच लॉकर में जमा करा लिए जाते हैं, लेकिन सीरीज के दौरान डिवाइस जब्त कर डेटा और डिलीटेड मैसेज खंगालना एक बेहद गंभीर स्थिति की ओर इशारा करता है।










































