नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम या LIC देश की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है। इसे नेशनल कंज्यूमर डस्प्युट रिड्रेसल कमीशन (National Consumer Disputes Redressal Commission) से झटका मिला है। कमीशन ने एलआईसी को मुंबई की एक महिला को 60 लाख रुपये का क्लेम का भुगतान करने का बीते दिनों आदेश दिया है। साथ ही उसे हुई मानसिक परेशानी के लिए एक लाख रुपये का हर्जाना और मुकदमे के खर्च के लिए 50 हजार रुपये देने को भी कहा है। साथ ही क्लेम की रकम पर 12 साल की अवधि के लिए 9 फीसदी का ब्याज भरने को कहा है।
क्या है मामला
यह मामला मुंबई के निवासी नितिन सुरेश गंभीर के बीमा क्लेम (Insurance Claim) से जुड़ा है। उन्होंने जून 2010 में एलआईसी के पास जीवन बीमा की 5 पॉलिसियों के लिए प्रोपोजल जमा किया। एलआईसी ने अपने पैनल के डॉक्टर से उनकी मेडिकल जांच कराई। फिट पाये जाने पर पांचो पॉलिसी जारी की गई। इनमें से 10, 15 एवं 15 लाख रुपये के बीमा की तीन पॉलिसियां 26 अगस्त 20210 को जारी की गई। शेष 10-10 लाख की दो पॉलिसियों के लिए उनके परिवार ने 7 सितंबर 2010 को पहला प्रीमियम भरा। हालांकि एलआईसी का कहना है कि उन्हें पहला प्रीमियम 13 सितंबर को मिला इसलिए उसी दिन से रिस्क कवरेज की शुरुआत हुई।










































