SIP के जरिए म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) में निवेश करने वाले लोगों को अक्सर सलाह दी जाती है कि समय के साथ SIP की रकम भी बढ़ाते रहना चाहिए। इसकी वजह यह है कि जैसे-जैसे आमदनी बढ़ती है और महंगाई बढ़ती है, वैसे-वैसे पुराने निवेश की रकम फाइनेंशियल गोल के लिए कम पड़ सकती है। Step-Up SIP इसी तरीके को अपनाने का एक साधन है, जिसमें तय अंतराल पर SIP की रकम बढ़ाई जाती है। एसआईपी बढ़ाने का सही समय कैसे तय किया जाए आइए समझते हैं-
Salary Hike के बाद बढ़ाएं SIP
SIP बढ़ाने का सबसे अच्छा समय आपकी Salary Hike या इनकम के बढ़ने के बाद हो सकता है। मान लीजिए आपकी सैलरी में हर साल 8-10% की बढ़ोतरी होती है, लेकिन SIP पिछले कई साल से 5,000 रुपये ही है। ऐसे में बढ़ी हुई आय का कुछ हिस्सा SIP में बढ़ाना समझदारी हो सकती है।
खर्च कम होने पर भी बढ़ा सकते हैं SIP
कभी-कभी आपकी इनकम नहीं बढ़ती, लेकिन खर्च कम हो जाता है। जैसे कोई लोन खत्म हो गया, किराया कम हो गया या कोई बड़ा खर्च अब नहीं रहा। ऐसे में हर महीने बचने वाली रकम का एक हिस्सा SIP में लगाया जा सकता है।मान लीजिए आपकी EMI खत्म होने के बाद हर महीने 5,000 रुपये अतिरिक्त बच रहे हैं। पूरी रकम खर्च करने के बजाय इसका कुछ हिस्सा SIP में जोड़ने से आपके निवेश की गति बढ़ सकती है।
Financial Goal करीब हो तो बिना सोचे SIP न बढ़ाएं
SIP बढ़ाने का मतलब हमेशा ज्यादा निवेश करना नहीं है। अगर आपका कोई Financial Goal अगले कुछ वर्षों में पूरा होना है, तो निवेश की अवधि और जोखिम को दोबारा देखना जरूरी है। नजदीकी लक्ष्य के लिए केवल ज्यादा रिटर्न की उम्मीद में Equity में निवेश बढ़ाना उचित नहीं हो सकता। निवेश की रकम और Asset Allocation आपके Goal और Risk Appetite के अनुसार होनी चाहिए।
Emergency Fund पहले मजबूत करें
अगर आपके पास पर्याप्त Emergency Fund नहीं है या लगातार जरूरी खर्चों के लिए पैसे कम पड़ रहे हैं, तो SIP बढ़ाने की जल्दबाजी न करें। पहले कुछ महीनों के जरूरी खर्च के बराबर Emergency Fund तैयार करना ज्यादा जरूरी है। उसके बाद अतिरिक्त रकम को निवेश में बढ़ाना बेहतर हो सकता है।
हर साल 5-10% Step-Up एक विकल्प
अगर आपकी आय नियमित रूप से बढ़ती है तो हर साल 5-10% SIP Step-Up करने पर विचार किया जा सकता है। उदाहरण के लिए 10,000 रुपये की SIP में 10% Step-Up करने पर अगले साल यह 11,000 रुपये हो जाएगी। हालांकि Step-Up की दर ऐसी होनी चाहिए, जिसे लंबे समय तक आराम से जारी रखा जा सके।










































