नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। मृतकों की संख्या 628 पहुंच गई है, जबकि करीब 3,000 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें 287 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के मुताबिक 88 भारतीयों को बचाया जा चुका है और चीन की ओर फंसे 120 भारतीय सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं। भारत ने राहत सामग्री, टनल रेस्क्यू टीम और फोरेंसिक विशेषज्ञों को भी नेपाल भेजा है। वहीं, भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण रासुवा, नुवाकोट और धादिंग के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।Nepal Flash Flood: नेपाल बाढ़ की वजह से आई तबाही के बाद मृतकों का आंकड़ा 628 पहुंच चुका है। वहीं, करीब 3,000 लोग अब भी लापता हैं। इनमें 287 भारतीय भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय (एमईए) ने शनिवार को बताया कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर चार दिन पहले आई भीषण बाढ़ के बाद कम से कम 287 भारतीय अब भी लापता हैं, जबकि 88 अन्य लोगों को बचा लिया गया है।
मंत्रालय ने बताया कि भारतीय मूल के 128 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है। उसने यह भी कहा कि चीन की ओर फंसे 120 भारतीय नागरिक शनिवार को सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं।
मंत्रालय ने बताया कि रसुवा में एक जलविद्युत परियोजना से चार भारतीय नागरिकों रिपु कुमार, चनेश्वर नरजारी, कृपा शंकर व मोहम्मद मिनहाजुद्दीन को बचाया गया है और उनके जल्द ही काठमांडू पहुंचने की उम्मीद है।23 देशों के 261 नागरिक लापता
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, आपदा के बाद 23 देशों के 261 विदेशी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है। इनमें सबसे ज्यादा नेपाल और भारत के नागरिक शामिल हैं।
चीन
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 558 लोग लापता बताए गए हैं। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के अनुसार, इनमें करीब 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय ने बताया है कि नेपाल की ओर करीब 100 चीनी नागरिकों से भी संपर्क नहीं हो सका है।
भारत
भारत के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया था कि नेपाल और चीन में मौजूद 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो सका है। इनमें 73 लोग एक बिजली परियोजना में काम कर रहे थे। हालांकि, नेपाल पर्यटन विभाग के आंकड़ों में लापता भारतीयों की संख्या 178 बताई गई है। अलग-अलग एजेंसियों के आंकड़ों में अंतर होने की वजह से स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
अमेरिका
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, नेपाल और चीन में 90 अमेरिकी नागरिक लापता हैं। विभाग ने कहा है कि अब तक किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं मिली है। वहीं, तीन अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
मलेशिया
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 51 मलेशियाई नागरिकों के लापता होने की सूचना है।
यूक्रेन
यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 55 यूक्रेनी नागरिक लापता हैं। इनमें दो अलग-अलग पर्यटक समूहों के 47 और 7 लोग शामिल हैं। इसके अलावा एक यूक्रेनी महिला भी लापता है, जो एक विदेशी टूर ग्रुप के साथ यात्रा कर रही थी।
ऑस्ट्रेलिया
ऑस्ट्रेलियाई सरकार के अनुसार, 39 ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों से संपर्क नहीं हो सका है।
ब्रिटेन
नेपाल पर्यटन बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक, 33 ब्रिटिश नागरिक लापता बताए गए हैं।
कनाडा
आपदा के बाद 25 कनाडाई नागरिकों के लापता होने की सूचना सामने आई है।
दक्षिण कोरिया
नेपाल में एक जलविद्युत परियोजना के निर्माण कार्य में लगे 9 दक्षिण कोरियाई नागरिक लापता बताए गए हैं।
सिंगापुर
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 8 सिंगापुरी नागरिकों के लापता होने की जानकारी है।
जर्मनी
नेपाल में 8 जर्मन पर्यटकों के लापता होने की सूचना है।
रूस
नेपाल स्थित रूसी दूतावास के अनुसार, 8 रूसी नागरिक लापता हैं।
दक्षिण अफ्रीका
6 दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों के लापता होने की खबर है।
लातविया
नेपाल में 6 लातवियाई पर्यटकों के लापता होने की सूचना है।
जापान
जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने उन 5 जापानी नागरिकों को लेकर चिंता जताई है, जिन्हें स्थानीय मीडिया ने लापता बताया है।
न्यूजीलैंड
नेपाल पर्यटन बोर्ड के अनुसार, 5 न्यूजीलैंड नागरिक लापता बताए गए हैं।
फ्रांस
आपदा के बाद 4 फ्रांसीसी नागरिकों के लापता होने की जानकारी सामने आई है।
बेल्जियम
3 बेल्जियम नागरिक लापता बताए गए हैं।
स्पेन
नेपाल में 3 स्पेनिश पर्यटकों के लापता होने की सूचना है।
आंकड़ों में क्यों है अंतर?
नेपाल और चीन में जारी आपदा के बीच लापता विदेशी नागरिकों के आंकड़ों में अलग-अलग एजेंसियों के बीच अंतर देखने को मिल रहा है। इसका एक कारण यह है कि कुछ आंकड़े सरकारों और दूतावासों से मिले हैं, जबकि कुछ नेपाल पर्यटन बोर्ड के रिकॉर्ड पर आधारित हैं। इसके अलावा, दूरदराज के इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने से लोगों से संपर्क स्थापित करने में भी परेशानी हो रही है।
नेपाल भेजी गई राहत सामग्री
भारत ने नेपाल के लिए राहत सामग्री के साथ टनल रेस्क्यू की तकनीकी टीम भेजी है. DNA जांच के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ भी पहुंचे हैं। इनके अलावा कंबल, स्लीपिंग बैग, तिरपाल, प्लास्टिक शीट व हाइजीन किट भेजी गई हैं।
भोटेकोशी नदी में बढ़ा पानी का जलस्तर
रासुवा जिला प्रशासन कार्यालय की तरफ से बताया गया है कि भोटेकोशी नदी में बाढ़ का पानी बढ़ने की की जानकारी मिली है. इसलिए रासुवा, नुवाकोट और धादिंग तक नदी के आसपास के इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की गई है।









































