WiFi 7: भारत सरकार ने इस साल अधिसूचना जारी करके लोअर 6GHz स्पेक्ट्रम बैंड को डीलाइसेंस कर दिया था। इस फैसले का असर दिखना शुरू हो गया है। दिग्गज कंपनियों ने Wi-Fi 7 उपकरणों को भारत में बनाना शुरू किया है। इनमें TP-Link (टीपी लिंक) प्रमुख नाम है। कंपनी के अनुसार, वह ऐसा करने वाली शुरुआती ग्लोबल कंपनियों में शामिल हो गई है। Wi-Fi 7 उपकरणों के बनने से नई तकनीक का फायदा आम लोगों तक पहुंचेगा। जिन घरों में वाई-फाई 6 राउटर हैं, वहां Wi-Fi 7 लगने के बाद इंटरनेट स्पीड में लगभग 5 गुना की तेजी आ सकती है।
Omada EAP770 का होगा निर्माण
TP-Link इंडिया के अनुसार, कंपनी Omada EAP770 एंटरप्राइज एक्सेस प्वाइंट (AP) का निर्माण भारत में करेगी। इसके साथ ही पूरे Wi-Fi 7 पोर्टफोलियो का लोकलाइजेशन किया जाएगा, जिससे भारत में डिमांड के अलावा ग्लोबल मार्केट्स के लिए भी डिवाइसेज को देश में बनाया जा सके।
Omada ब्रांड के Wi-Fi इक्विपमेंट को इनडोर और आउटडोर उपयोग किया जाता है।
भारतीय ग्राहकों को होगा फायदा
कंपनी का कहना है कि 6GHz स्पेक्ट्रम के डीलाइसेंस होने से देश में एंटरप्राइज यानी कमर्शल स्तर पर और घरेलू यूजर्स तक Wi-Fi 7 सॉल्यूशंस पहुंचाए जा सकेंगे। रिपोर्टों के अनुसार, वाई-फाई 7 राउटर अधिकतम 46 Gbps तक की स्पीड दे सकते हैं।
- Wi-Fi 7 राउटर की मदद से गेमिंग और 4K/8K स्ट्रीमिंग बेहतरीन हो सकती है।
- Wi-Fi 7 राउटर से एकसाथ कम से कम 100 डिवाइसेज को कनेक्ट किया जा सकता है।
- बड़ी संख्या में डिवाइस कनेक्ट होने के बावजूद यह इंटरनेट स्पीड को कम नहीं होने देता।
क्या कहना है कंपनी का?
भारत में वाईफाई 7 उपकरणों का निर्माण शुरू होना देश के प्रति हमारे विजन को दर्शाता है। इससे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत होगा। – संजय सहगल, एमडी और सीईओ, टीपी लिंक इंडिया













































