प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही हैदराबाद की एक रैली में देशवासियों से अपील की थी कि वह एक साल तक सोना न खरीदें, पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करें, और पब्लिक ट्रांसपोर्ट, मेट्रो और बस का इस्तेमाल करें। पीएम मोदी की इस अपील पर सवाल उठने शुरू हो गए। जहां राहुल गांधी ने इसे सरकार की नाकामी बताया, वहीं आलोचकों ने भी इसे आम जनता पर बोझ डालने की कोशिश बताया। अब इसी पर एक्ट्रेस कुनिका सदानंद ने भी रिएक्ट किया है। कुनिका ने कहा कि दिक्कत देश के लिए बलिदान देने की नहीं, बल्कि दिक्कत इस बात की है कि जो मुद्दा अब सामने आया है, उसे रोकने के लिए जरूरी और सक्रिय कदम नहीं उठाए गए। इसके लिए पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का भी उदाहरण दिया, जिन्होंने देश पर मुसीबत आने पर अपने गहने तक दान कर दिए थे और देश का हर नागरिक सेना की मदद को पहुंचा था।
कुनिका सदानंद- दिक्कत बलिदान से नहीं, कदम न उठाए जाने से है
कुनिका सदानंद ने अपने X अकाउंट पर पत्रकार रजत शर्मा का एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह कह रहे हैं कि मोदी ने अगर गोल्ड कम खरीदने को कहा, विदेश कम ट्रैवल करने को कहा तो इसमें इतनी हाय-तौबा मचाने की क्या जरूरत है? अमेरिका से ईरान पर हमला तो मोदी ने तो नहीं करवाया। दुनिया में तेल का संकट मोदी के कारण तो पैदा नहीं हुआ। जिन चीजों पर फॉरेन एक्सचेंज ज्यादा खर्च होता है, उनमें किफायत बरतने में किसी को क्या प्रॉब्लम है? इसी पर कुनिका ने उन्हें जवाब दिया है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर आम जनता ही हमेशा क्यों बलिदान दे?कुनिका ने इंदिरा गांधी की मिसाल- उन्होंने गहने दान कर दिए थे
कुनिका ने इसके 11-12 घंटे बाद अब एक और ट्वीट किया है, जिसमें उन्होंने एक यूजर को जवाब दिया, जिसने एक लीडिंग अखबार के 1967 में छपे एक आर्टिकल की तस्वीर शेयर की। वह आर्टिकल इंदिरा गांधी की देश से सोना ने खरीदने की अपील का जिक्र था। आर्टिकल शेयर कर यूजर ने लिखा है- जो लोग मोदी जी का मजाक उड़ा रहे हैं, वो इसे देख लें।’ इसी पर कुनिका ने अपना दो-टूक जवाब दिया और दोनों स्थितियों में अंतर समझाया। कुनिका ने लिखा, ‘उन्होंने उदाहरण पेश करते हुए अपने सारे गहने दान कर दिए। जय श्री राम। नेता को प्रधानमंत्री कल्याण कोष के मामले में पारदर्शिता बरतनी चाहिए और अपनी पार्टी के विशाल कोष से दान देना चाहिए। शिव शम्भू।’










































