धरना स्थल पर डटे रहे पुलिस कर्मचारी,प्रदर्शनकारियों पर बनाए रखी नजर
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट। जिले के आदिवासी अंचलो में बैगा आदिवासी समाज के बच्चों की खसरा, मलेरिया, चर्मरोग सहित अन्य बीमारियों से हुई मौतों के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच शनिवार को पुलिस की सख्ती देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के बालाघाट जिले के बीमारी प्रभावित आदिवासी ग्राम के दौरे के दौरान प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आंदोलनकारियों पर पैनी नजर बनाए रखी।बताया गया कि आदिवासी समाज के युवा पिछले कई दिनों से बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारों पर कार्रवाई, प्रभावित परिवारों को सहायता और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आंदोलन कर रहे हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रभावित आदिवासी ग्राम पहुंचने की सूचना के बाद पुलिस को आशंका थी कि आंदोलनकारी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम स्थल तक पहुंचकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं।इसी के चलते पुलिस द्वारा आंदोलनकारियों को आंदोलन स्थल से हटाकर डिटेन किए जाने की तैयारी की गई थी। हालांकि, जब आंदोलनकारियों ने आंदोलन स्थल पर ही बैठे रहने की बात कही तो पुलिस ने वहां निगरानी बढ़ा दी और आंदोलन स्थल के आसपास पुलिस बल तैनात कर दिया। पूरे घटनाक्रम के दौरान आंदोलन स्थल पर पुलिस का पहरा बना रहा।
मुख्यमंत्री के दौरे के बीच बढ़ी सियासी हलचल
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान बैगा बच्चों की मौत का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने रहा। एक ओर मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्र में पहुंचकर हालात का जायजा लेने पहुंचे, वहीं दूसरी ओर विपक्षी संगठनों और आदिवासी युवाओं द्वारा सरकार के खिलाफ सवाल उठाए जाते रहे। आदिवासी अंचल में लगातार बच्चों की मौत का मामला अब जिले में बड़ा जन मुद्दा बन चुका है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली और आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आदिवासी समाज के युवाओं का कहना है कि जब तक प्रभावित परिवारों को न्याय, उचित आर्थिक सहायता और क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।शनिवार को मुख्यमंत्री के दौरे के बीच पुलिस की सक्रियता और आंदोलनकारियों पर नजर रखने की कार्रवाई ने इस मुद्दे को और तूल दे दिया। अब आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच आगे क्या स्थिति बनती है, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।









































