इस्लामाबाद/तेहरान: पाकिस्तान ने अमेरिका से बात करते हुए ईरान के एयरक्राफ्ट को अपने नूर खान एयरबेस पर पार्क करने की इजाजत दी थी। सीबीसी न्यूज ने खुलासा किया है कि पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर ईरान के एयरक्राफ्ट पार्क किए गये थे ताकि उन्हें अमेरिकी हमलो के दौरान निशाना नहीं बनाया जाए। इस रिपोर्ट ने पाकिस्तान की मध्यस्थता और उसके डबल गेम की पोल खोल दी है। डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और रिपब्लिकन पार्टी के सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने ‘मध्यस्थता के लिए पाकिस्तान पर पुनिर्विचार’ करने की मांग करते हुए कहा है कि ‘इजरायल के प्रति पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के कुछ पिछले बयानों को देखते हुए अगर यह बात सच निकलती है तो मुझे कोई हैरानी नहीं होगी।”
सीबीसी न्यूज के इस खुलासे ने पिछले साल मई महीने में भारत की तरफ से चलाए गये ऑपरेशन सिंदूर की याद दिला दी है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद जब लगने लगा था कि भारत सैन्य कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है तो पाकिस्तान ने कराची पोर्ट से अपने दो पनडुब्बियों को ईरान की सीमा के पास भेज दिया था। ऐसा उसने अपनी पनडुब्बियों को भारतीय हमलों से बचाने के लिए किया था। सैटेलाइट तस्वीरों से पाकिस्तानी पनडुब्बियों को कराची पोर्ट से रातों रात हटाने की पुष्टि भी हुई थी।










































