नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटता दिख रहा है। दोनों देश एक बार फिर से एक-दूसरे के सामने आ गए हैं। डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान ने अमेरिकी जहाजों पर मिसाइल दागी, जिसके बाद यूएस ने जवाबी हमला किया। अब भारत के पूर्व रॉ एजेंट लकी बिष्ट ने इस हमले के पीछे अमेरिका का ही षड्यंत्र होने का संदेह जताया है। पूर्व भारतीय जासूस लगी बिष्ट ने कहा है कि ये अमेरिका की चाल हो सकती है ताकी उसे ईरान पर हमला जारी रखने की वजह मिल सके। लकी बिष्ट ने अपने एक पुराने सोशल मीडिया पोस्ट का भी जिक्र किया है, जिसमें उन्होंने बताया था कि ट्रंप का ‘शांति’ का नाटक दुनिया के लिए सबसे बड़ा धोखा है!
लकी बिष्ट ने क्या कहा?
तीन दिन पहले ही आगाह कर दिया था कि यह ‘शांति’ और सीजफायर का नाटक सिर्फ दुनिया को गुमराह करने के लिए है। अब देखिए क्या हुआ! डोनाल्ड ट्रंप कह रहे हैं कि ईरान ने उनके जहाजों पर मिसाइल दागी और उन्होंने ‘जवाबी कार्रवाई’ की है। लेकिन बड़ा सवाल यह है क्या ऐसा तो नहीं कि अमेरिका ने यह ‘हमला’ खुद पर ही करवाया हो? इसका सीधा गणित अमेरिकी कानून से जुड़ा है ‘सेल्फ डिफेंस’ (आत्मरक्षा) का बहाना बनाकर ट्रंप को अमेरिकी संसद (Congress) से बिना परमिशन लिए सैन्य कार्रवाई जारी रखने की 60 दिन की मोहलत (War Powers Act के तहत) फिर से मिल जाएगी। संसद में जवाब देने से बचने और इस युद्ध की आग को और भड़काने के लिए यह एक बहुत बड़ी और सोची-समझी प्लानिंग है। CIA और MI6 का खेल बहुत गहरा है!










































