जिले में करोड़ों रुपये के बहुचर्चित डबल मनी घोटाले की जांच अभी पूरी भी नहीं हुई है, लेकिन कुछ लोग अभी भी चंद दिनों में पैसा दोगुना करने का लालच देकर पैसे ले रहे हैं । लांजी क्षेत्र में सामने आए 500 से 600 करोड़ रुपये के कथित डबल मनी घोटाले के बाद पुलिस लगातार लोगों को जागरूक कर रही है कि किसी भी तरह की निवेश योजना, ऑनलाइन ट्रेडिंग एप अथवा डबल मनी स्कीम के झांसे में न आएं। इसके बावजूद लालच और भरोसे का फायदा उठाकर ठग आम लोगों की जीवनभर की जमा-पूंजी पर हाथ साफ कर रहे हैं। अब नवेगांव थाना क्षेत्र के ग्राम कोसमी से ऐसा ही एक नया मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि डबल मनी का नेटवर्क जिले में पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, बल्कि नए-नए तरीकों से लोगों को निशाना बनाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम कोसमी निवासी अवधेश तारन ने नवेगांव थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले प्रिंस पिछोड़े ने उन्हें वेनिमो नामक मोबाइल एप के माध्यम से निवेश करने पर मात्र एक सप्ताह में रकम दोगुनी होने का लालच दिया। शुरुआत में आरोपी ने विश्वास कायम करने के लिए अवधेश की पत्नी मीनाक्षी तारन को अपने झांसे में लिया। उसने उन्हें भरोसा दिलाया कि यदि वे अपने जेवर गिरवी रखकर प्राप्त राशि निवेश करेंगी तो कुछ ही दिनों में रकम दोगुनी होकर वापस मिल जाएगी। इस विश्वास में मीनाक्षी ने करीब छह लाख रुपये के जेवर गिरवी रख दिए और पूरी राशि आरोपी के बताए अनुसार निवेश कर दी। इसके बाद आरोपी ने अवधेश तारन, उनके पुत्र देवांशु तथा रिश्तेदार संतोष रत्नेरे को भी इसी योजना में शामिल कर लिया। शिकायत के अनुसार अवधेश ने करीब ढाई लाख रुपये, उनके पुत्र देवांशु ने साढ़े तीन लाख रुपये तथा संतोष रत्नेरे ने लगभग 6.25 लाख रुपये आरोपी को सौंप दिए। बताया जा रहा की इस मामले में लगभग 17 लाख रूपये निवेस किये गये हैं साथ ही भरोसा दिलाने के लिए आरोपी ने अलग-अलग बैंकों के चेक भी दिए और कहा कि तय समय पूरा होते ही सभी की रकम दोगुनी कर वापस कर दी जाएगी। समय सीमा पूरी होने के बाद जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। पहले भुगतान में देरी का हवाला दिया गया, फिर कुछ दिनों बाद वह लोगों से बचने लगा और अंततः फरार हो गया। इसके बाद पीड़ितों को समझ आया कि उनके साथ सुनियोजित धोखाधड़ी की गई है। उन्होंने तत्काल पुलिस की शरण ली और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर नवेगांव पुलिस ने आरोपी प्रिंस पिछोड़े के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 316(2) तथा अनियमित जमा योजना प्रतिबंध अधिनियम-2019 की धारा 21(1), 21(2) और 21(3) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 1 अगस्त को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। अब पुलिस इन चार दिनों में यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि इस पूरे नेटवर्क में प्रिंस पिछोड़े के साथ और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं, निवेश की राशि कहां गई, कितने लोगों से पैसा लिया गया और क्या इसके तार किसी बड़े गिरोह या पहले से चल रहे डबल मनी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि आरोपी से पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं। जांच का फोकस इस बात पर भी रहेगा कि क्या यह अकेले प्रिंस का काम था या फिर उसके पीछे कोई संगठित गिरोह सक्रिय है। यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इधर, जिले के बहुचर्चित डबल मनी घोटाले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) भी लगातार कार्रवाई में जुटी हुई है। आरोपियों से जब्त रजिस्टरों के आधार पर निवेशकों की सूची जारी की जा रही है और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बनाए गए हेल्पडेस्क पर बड़ी संख्या में निवेशक अपने दस्तावेज जमा कर रहे हैं। करोड़ों रुपये के इस मामले में पुलिस अब तक कई संपत्तियां और वाहन जब्त कर चुकी है तथा आरोपियों से लगातार पूछताछ जारी है। ऐसे समय में कोसमी का यह नया मामला पुलिस और प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। एक ओर करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच चल रही है, वहीं दूसरी ओर ठग नए नाम, नए एप और नए लालच के साथ लोगों को निशाना बना रहे हैं। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि कोई भी व्यक्ति यदि कम समय में पैसा दोगुना, तिगुना अथवा असामान्य लाभ देने का दावा करे तो उस पर आंख बंद कर विश्वास न करें। किसी भी निवेश से पहले उसकी वैधता की पूरी जांच करें और यदि कोई संदिग्ध योजना सामने आए तो उसकी जानकारी तत्काल पुलिस को दें।









































