नगर का प्रमुख बस स्टैंड इन दिनों बदहाल व्यवस्था, अनियंत्रित यातायात और बढ़ते दबाव के चलते गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। यात्रियों की सुविधा के लिए बना यह बस स्टैंड अब खुद परेशानी का कारण बनता जा रहा है। जहां हर दिन अव्यवस्था, जाम और अव्यवस्थित संचालन का नजारा देखने को मिल रहा है।बस चालकों की मनमानी इस समस्या की सबसे बड़ी वजह बनती जा रही है। चालक अपनी सुविधा के अनुसार बसों को कहीं भी खड़ा कर देते हैं।जिससे बस स्टैंड के भीतर और बाहर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। बस स्टैंड में प्रवेश करने वाली और बाहर निकलने वाली बसें एक साथ आमने-सामने आ जाती हैं।जिसके कारण बार-बार जाम की स्थिति निर्मित होती है।
2 मई की दोपहर को भी यही स्थिति देखने को मिली जब एक बस स्टैंड से बाहर निकल रही थी जबकि दूसरी बस अंदर प्रवेश कर रही थी। दोनों बसों के आमने-सामने खड़े हो जाने से पूरे परिसर में जाम लग गया और यात्रियों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान छोटे वाहन भी बस स्टैंड परिसर में इधर-उधर घूमते नजर आए जिससे हालात और बिगड़ गए।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बस स्टैंड के समीप पुलिस चौकी स्थापित की गई है। लेकिन इसके बावजूद यातायात व्यवस्था में कोई खास सुधार दिखाई नहीं दे रहा है। पुलिस की मौजूदगी भी बसों की अव्यवस्थित आवाजाही और पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। वर्तमान बस स्टैंड अब अपनी क्षमता से अधिक दबाव झेल रहा है। लगातार बढ़ रही बसों की संख्या और यात्रियों की भीड़ के कारण यह स्थान छोटा पड़ता जा रहा है। ऐसे में यहां सुव्यवस्थित पार्किंग, बसों के लिए अलग-अलग एंट्री-एग्जिट मार्ग और यातायात नियंत्रण की ठोस व्यवस्था की सख्त जरूरत महसूस की जा रही है।स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए और जल्द ही नए, विस्तृत और आधुनिक बस स्टैंड के निर्माण या वर्तमान व्यवस्था के पुनर्गठन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। जब तक इस दिशा में ठोस निर्णय नहीं लिया जाता। तब तक यात्रियों को इसी तरह की अव्यवस्था और परेशानियों का सामना करना पड़ता रहेगा










































