भारत और जापान ने बुलंद की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता की मांग, आखिर कहां फंसा है पेच

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नई दिल्ली/टोक्यो: भारत और जापान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) स्थायी सदस्यता की मांग बुलंद की है। हाल ही में जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइचे की नई दिल्ली यात्रा के दौरान दोनों देशों के संयुक्त बयान में इसका जिक्र किया गया। इस दौरान दोनों प्रधानमंत्रियों ने UNSC में तत्काल सुधार के लिए G4 देशों (भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील) के साथ मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

दोनों नेताओं ने UNSC की स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों के विस्तार पर जोर दिया, जिसका अधिकांश देश समर्थन करते हैं। दोनों नेताओं ने विस्तारित सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए एक-दूसरे की उम्मीदवारी का समर्थन किया। दोनों नेताओं ने UNSC सुधारों में तेजी लाने का संकल्प लिया। इसमें इंटर गवर्नमेंटल नेगोसिएशंस (IGN) ढांचे के तहत टेक्स्ट आधारित बातचीत शुरू करके निश्चित समय सीमा में ठोस परिणाम हासिल करने पर जोर दिया गया।UNSC में सुधार के पक्ष में भारत

भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग करता रहा है। इस प्रयास में उसे जापान, जर्मनी और ब्राजील का समर्थन हासिल है, जिन्हें जी4 देश के नाम से जाना जाता है। इस समूह का कहना है कि सुरक्षा परिषद का ढांचा अभी भी द्वितीय विश्वयुद्ध में अपनी स्थापना के समय की वैश्विक व्यवस्था है, जबकि इन 8 दशकों में दुनिया तेजी से बदली है। सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट के लिए भारत को फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देशों का समर्थन हासिल है।

भारत दुनिया की कुल आबादी के छठे हिस्सा का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में भारत को दूसरे देशों को उचित स्थान देने से UNSC की विश्वसनीयता सुनिश्चित होगी। इसी साल फरवरी में भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने जर्मनी में G4 देशों की अहम बैठक में हिस्सा लिया था। इस बैठक के बारे में जानकारी देते हुए जापान के विदेश मंत्रालय ने बताया था कि G4 सहयोगी देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वे सुरक्षा परिषद के मौजूदा स्थायी सदस्यों और अफ्रीकी देशों समेत संबंधित देशों के साथ काम करते हुए ठोस नतीजे हासिल करने का लक्ष्य रखेंगे।

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