नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने भारत के खिलाफ अपना रुख और कड़ा कर लिया है। सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने भारत के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए भारत में ट्रेनिंग लेने वाले नौकरशाहों की जांच करने का फैसला किया है। वहीं, भारत-बांग्लादेश समझौतों (जिनमें इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के समझौते भी शामिल हैं) की समीक्षा भी की जाएगी।
भारत के साथ 101 समझौतों की समीक्षा करेगा बांग्लादेश
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार पिछले दशक में भारत में ट्रेनिंग लेने वाले नौकरशाहों की जांच करने वाली है। सत्ताधारी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के संसद में मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) नूरुल इस्लाम मोनी के अनुसार, बांग्लादेश भारत के साथ हुए 101 समझौतों की समीक्षा कर रहा है।
जल्द ही समीक्षा के नतीजों का पता चलेगा: नुरुल मोनी
द इकनॉमिक टाइम्स की एक खबर के अनुसार, नुरुल मोनी ने हाल ही में ढाका में कहा कि मौजूदा सरकार बांग्लादेश और भारत के बीच हुए 101 समझौतों (MoU) की समीक्षा कर रही है। संसद मीडिया सेंटर में सत्र के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘आपको जल्द ही समीक्षा का नतीजा पता चल जाएगा।’
अवामी लीग ने किया बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों से समझौता
- प्रेस कॉन्फ्रेंस में नुरुल मोनी ने सत्ता से बाहर हुई शेख हसीना की अवामी लीग सरकार पर आरोप लगाया कि उसने भारत का नाम लिए बिना एक मित्र देश को फायदा पहुंचाकर बांग्लादेश के राष्ट्रीय हितों से समझौता किया।
- नुरुल मोनी ने आरोप लगाया, ‘जब हमारे देश के जहाज चटगांव बंदरगाह पर पहुंचते थे, तो हमारे जहाजों से पहले मित्र देश के जहाजों से माल उतारा जाता था। हमारे जहाजों के बर्थ पर लगने से पहले ही उस मित्र देश के जहाज बंदरगाह में आ जाते थे।’






































