भोपाल: मध्य प्रदेश में अतिथि विद्वानों का गुस्सा अब सड़क पर उतर आया है और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया है। मंगलवार को करीब 200 गेस्ट टीचर्स ने अपनी लंबित मांगों को लेकर भोपाल में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के सरकारी आवास का घेराव कर दिया। राज्य सरकार द्वारा दिए गए आश्वासनों से पूरी तरह असंतुष्ट इन शिक्षकों ने मंत्री के बंगले के बाहर ही डेरा डाल दिया और पूरी रात वहीं बिताई। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी नौकरी की सुरक्षा और विवादित ‘फालन-आउट’ व्यवस्था को समाप्त करने की मांग पूरी नहीं होती, वे पीछे हटने वाले नहीं हैं।
‘फालन-आउट’ नियम बना जी का जंजाल
इस पूरे असंतोष के केंद्र में उच्च शिक्षा विभाग का वह नियम है जिसे ‘फालन-आउट’ कहा जाता है। मौजूदा दिशानिर्देशों के तहत, जब भी मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) के माध्यम से किसी नियमित प्रोफेसर की नियुक्ति होती है या किसी कॉलेज में नियमित शिक्षक का ट्रांसफर किया जाता है, तो वहां पहले से पढ़ा रहा गेस्ट फैकल्टी तुरंत सेवा से मुक्त कर दिया जाता है। उसे ‘फालन-आउट’ घोषित कर दिया जाता है।





































