नई दिल्ली: मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला–कमल मौला मस्जिद परिसर को लेकर दिए गए फैसले के बाद देश के अलग-अलग राजनीतिक दलों और नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बीजेपी नेता इसे ऐतिहासिक और धार्मिक न्याय से जोड़कर देख रहे हैं जबकि विपक्ष नेता इससे विवाद बढ़ने की बात कह रहे हैं।
कोर्ट के फैसले पर क्या बोले बीजेपी सांसद
भारतीय जनता पार्टी के सांसद अतुल गर्ग ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत में इस तरह के मामलों का अदालत तक जाना ही अपने आप में एक दुखद और अजीब स्थिति है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर ऐतिहासिक स्थलों पर अलग-अलग लोगों ने कब्जा करके उन्हें अपने धार्मिक केंद्रों के रूप में उपयोग किया है। उनके अनुसार, ऐसे स्थलों को उनके मूल स्वरूप में वापस लौटाया जाना चाहिए।बीजेपी विधायक ने बताया मंदिर का इतिहास
वहीं, बीजेपी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया। उन्होंने कहा कि भोजशाला परिसर में पहले माता सरस्वती का मंदिर हुआ करता था और बाद में विदेशी आक्रमणों के दौरान कई मंदिरों को नुकसान पहुंचाया गया। उनके अनुसार अदालत के इस फैसले ने ऐतिहासिक सच्चाई को सामने लाने का काम किया है।
यूपी बीजेपी अध्यक्ष ने किया निर्णय का स्वागत
उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हम सभी बहुत प्रसन्न हैं और हाई कोर्ट के इस निर्णय का स्वागत करते हैं। निश्चित रूप से इसने सनातन धर्म के अनुयायियों के लिए एक अच्छा अवसर प्रदान किया है।










































