नई दिल्ली: भारत पर सीधा इम्पैक्ट डालने वाली खबर आई है। OPEC+ अगस्त में तेल कोटा में थोड़ी और बढ़ोतरी के लिए शुरुआती समझौते पर सहमत हो गया है। इससे बाजार में और सप्लाई आने की संभावना बढ़ गई है। खासकर अगर अमेरिका-ईरान शांति समझौता कायम रहता है। OPEC+ में रूस ईरान समेत 22 देश शामिल हैं। प्रतिनिधियों ने यह जानकारी दी।
प्रतिनिधियों के अनुसार, रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस में अगर इसे मंजूरी मिल जाती है तो सऊदी अरब और रूस के नेतृत्व वाले सात प्रमुख देश अपने उत्पादन टारगेट में 1,88,000 बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी करेंगे।भारत के लिए इसके मायने
OPEC+ की ओर से अगस्त से कच्चे तेल के उत्पादन में 1.88 लाख बैरल प्रति दिन की बढ़ोतरी करने का फैसला भारत के लिए एक बड़ी राहत और सकारात्मक संकेत है। भारत अपनी जरूरत का करीब 85% कच्चा तेल आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई बढ़ने और हाल ही में तेल की कीमतें गिरकर युद्ध-पूर्व स्तर पर आने से भारत का आयात बिल काफी घटेगा।
इससे देश के करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) और राजकोषीय दबाव में कमी आएगी। डॉलर के मुकाबले रुपये को मजबूती मिलेगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घरेलू बाजार में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता या गिरावट आने से महंगाई को नियंत्रित किया जा सकेगा। यह भारत की अर्थव्यवस्था विकास दर को तेज करने के लिए जरूरी है।










































