जिले में साइबर ठग लगातार नए-नए तरीकों से आमजन और व्यापारियों को अपना निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। अभी वारासिवनी क्षेत्र में परिचित बनकर ठगी करने का मामला पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब मलाजखंड क्षेत्र से भी साइबर ठगी का नया मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार मलाजखंड क्षेत्र के एक होटल संचालक को होटल बुकिंग के नाम पर फोन किया गया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को ग्राहक बताते हुए होटल में कमरा बुक कराने की बात कही और विश्वास में लेने के लिए खाते में एक रुपए ट्रांसफर करने संबंधी मैसेज भी भेजा। हालांकि होटल संचालक को बातचीत के दौरान संदेह हुआ, जिसके बाद उन्होंने सतर्कता बरतते हुए किसी प्रकार का लेन-देन नहीं किया। उनकी सूझबूझ के चलते हजारों रुपए की साइबर ठगी होने से बच गई। बताया जा रहा है कि साइबर ठग अब जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में व्यापारियों और आम लोगों को उनके व्यवसाय और परिचितों से जुड़ी जानकारी के आधार पर फोन कर ठगी करने की कोशिश कर रहे हैं। ठग पहले भरोसा जीतते हैं और फिर ऑनलाइन ट्रांजेक्शन या खाते में राशि भेजने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाने का प्रयास करते हैं।
एक दिन पहले ही वारासिवनी क्षेत्र में परिचित बनकर फोन करने और पैसों के लेनदेन के बहाने साइबर ठगी करने के प्रयास की खबर सामने आई थी, वहीं अब जिले के मलाजखंड क्षेत्र से भी इसी तरह का एक मामला सामने आया है। हालांकि इस मामले में होटल संचालक की सतर्कता और समझदारी के कारण एक बड़ी साइबर ठगी होने से बच गई। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से अब यह साफ होता जा रहा है कि साइबर ठग जिले की भोली-भाली जनता को अलग-अलग तरीकों से निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मलाजखंड निवासी आर.के. राजपूत ने पद्मेश न्यूज़ से दूरभाष पर चर्चा करते हुए बताया कि वे मलाजखंड क्षेत्र में होटल राजपूताना का संचालन करते हैं। 10 मई की शाम उनके मोबाइल पर एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को ग्राहक बताते हुए होटल में कमरा बुक करवाने की बात कही। बातचीत के दौरान उसने होटल के कमरों का किराया पूछा, जिस पर होटल संचालक ने उन्हें लगभग 1250 से 1300 रुपए तक का रेट बताया। इसके बाद फोन करने वाले व्यक्ति ने बातों-बातों में 1200 रुपए में कमरा बुक करने की सहमति जताई। होटल संचालक को शुरुआत में यह एक सामान्य ग्राहक की तरह लगा और बातचीत आगे बढ़ती रही। इसी दौरान सामने वाले व्यक्ति ने कहा कि उसने होटल बुकिंग के लिए एक रुपए की राशि भेजी है ताकि भुगतान प्रक्रिया की पुष्टि हो सके। कुछ ही देर बाद होटल संचालक के मोबाइल पर एक रुपए का मैसेज भी आया। इसके तुरंत बाद सामने वाले व्यक्ति ने होटल संचालक को लगभग 12 हजार 500 रुपए का एक और मैसेज भेजा और घबराहट जताते हुए कहा कि गलती से 1200 रुपए की जगह 12 हजार से अधिक की राशि उनके खाते में ट्रांसफर हो गई है। उसने होटल संचालक से कहा कि वे 1500 रुपए काटकर बाकी की रकम वापस कर दें। होटल संचालक आर.के. राजपूत ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद सामने वाले से वास्तव में गलती हो गई होगी। उन्होंने भी कहा कि यदि अतिरिक्त पैसा आया होगा तो वे वापस कर देंगे। लेकिन इसी दौरान उन्होंने सतर्कता दिखाते हुए सीधे अपने बैंक खाते की जांच की। खाते की जानकारी देखने पर उन्हें पता चला कि उनके अकाउंट में न तो एक रुपए आए थे और न ही 12 हजार 500 रुपए की कोई राशि जमा हुई थी। केवल मोबाइल पर मैसेज प्राप्त हुए थे। जब उन्होंने सामने वाले व्यक्ति से कहा कि उनके खाते में कोई पैसा नहीं पहुंचा है, तब वह व्यक्ति लगातार दबाव बनाने लगा और पैसे वापस करने की बात कहने लगा। यहां तक कि उसने भावनात्मक तरीका अपनाते हुए कहा कि उसके किसी परिचित का एक्सीडेंट हो गया है और वह अस्पताल में भर्ती है। उसने व्हाट्सएप पर एक अस्पताल में भर्ती व्यक्ति की फोटो भी भेजी और जल्दी पैसे लौटाने की गुहार लगाने लगा। लेकिन होटल संचालक को पूरी बातचीत और परिस्थितियों पर संदेह हो गया। उन्हें लगा कि यह कोई साइबर ठग है जो फर्जी मैसेज और भावनात्मक दबाव बनाकर ठगी करने की कोशिश कर रहा है। इसके बाद उन्होंने तुरंत फोन काट दिया और किसी भी प्रकार का पैसा ट्रांसफर नहीं किया। उनकी समझदारी और सतर्कता के कारण एक बड़ी साइबर ठगी होने से बच गई। होटल संचालक आर.के. राजपूत ने इस पूरी घटना को पद्मेश न्यूज़ के साथ साझा करते हुए आम लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी फोन कॉल, फर्जी मैसेज या बैंक ट्रांजैक्शन के झांसे में न आएं। उन्होंने कहा कि किसी भी रकम को वापस करने से पहले अपने बैंक खाते की पूरी जांच जरूर करें और केवल मैसेज देखकर किसी पर भरोसा न करें। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि साइबर ठग अब लोगों को ठगने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। कभी परिचित बनकर, कभी होटल बुकिंग के नाम पर और कभी भावनात्मक कहानियां सुनाकर लोगों को जाल में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है।









































