काबुल: अफगानिस्तान में एक बार फिर से गृहयुद्ध शुरू होने के आसार बन रहे हैं। अफगानिस्तान के बदख्शान प्रांत में तालिबान को बड़ी चुनौती मिल रही है। द अफगानिस्तान फ्रीडम फ्रंट (AFF) ने रविवार को एक वीडियो जारी करके बताया कि उसके लड़ाकुओं ने जिबक जिले में तालिबानी सेना की चौकियों पर कब्जा कर लिया है। इससे पहले तालिबानी सेना के प्रमुख ने दावा किया था कि AFF का कोई भी लड़ाकू इलाके में मौजूद नहीं है। इस वीडियो ने तालिबानी सेना प्रमुख के दावे की पोल खोल दी है। यह पूरा इलाका वखान कॉरिडोर के पास है जो चीन को अफगानिस्तान से जोड़ता है। इस कॉरिडोर पर पड़ोसी पाकिस्तान ने नजर गड़ा रखी है।
विश्लेषकों का कहना है कि इस पूरे संघर्ष में AFF को पाकिस्तानी सेना का पर्दे के पीछे से सपोर्ट मिल रहा है। AFF का कहना है कि जिबक में लड़ाई पिछले 4 दिनों से जारी है। उसने कहा कि तालिबानी सेना उन इलाकों पर दोबारा कब्जा नहीं कर पाई है जिसे उसके लड़ाकुओं ने जीत लिया है। बदख्शान प्रांत के तालिबानी गवर्नर गजनवी ने विद्रोहियों से कहा है कि वे तालिबान के खिलाफ अपनी जंग को बंद कर दें। गजनवी ने चेतावनी दी कि तालिबान के पास ऐसी ताकत है कि वह विद्रोह को कुचल सकता है।’तालिबानी सेना को पीछे हटना पड़ा’
तालिबानी गवर्नर ने कहा कि जो लोग अफगानिस्तान पर फिर से कब्जा करने का सपना देख रहे हैं, वे कब्र के अंदर यह सपना देंखेंगे। इस बीच AFF ने कहा है कि उसने तालिबानी सेना के काफिले पर हमला किया है जो काबुल से बदख्शान जा रहा था। इस इलाके में लड़ाई अभी भी जारी है। AFF ने कहा कि तालिबान 25 जुलाई को और अधिक सेना और हथियारों को काबुल से भेज रहा था और इसी दौरान उसके काफिले पर हमला किया गया। AFF का दावा है कि इस हमले में 7 तालिबानी मारे गए और 6 अन्य घायल हो गए।









































