एक शिक्षक के भरोसे ३२ नौनिहालों की नींव

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बीएलओ ड्यूटी और जर्जर भवन ने बढ़ाई पालकों की चिंता,आंदोलन की चेतावनी

पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। शिक्षा के अधिकार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के तमाम दावों के बीच खैरलाँजी अंतर्गत ग्राम किन्ही के मंदिर टोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला से प्रशासनिक उपेक्षा की एक गंभीर तस्वीर सामने आई है। यहाँ अध्ययनरत ३२ मासूम बच्चों का शैक्षणिक भविष्य महज एक शिक्षक के कंधों पर टिका हुआ है। स्थिति तब और चिंताजनक हो जाती है जब एक ही शिक्षक को कक्षा १ से ५ तक के बच्चों को पढ़ाने के साथ साथ कई गैर शैक्षणिक कार्य भी निपटाने पड़ते हैं।

एक शिक्षक पाँच कक्षाएँ और बीएलओ का बोझ

प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय प्राथमिक शाला मंदिर टोला में कक्षा १ से ५ तक कुल ३२ बच्चे पंजीकृत हैं। यहाँ पदस्थ एकमात्र शिक्षक गौरीचंद बिसेन पर इन सभी पाँचों कक्षाओं को संचालित करने का प्रभार है। प्रशासनिक व्यवस्था की विडंबना देखिए कि इन बच्चों को पढ़ाने वाले एक मात्र शिक्षक को वर्तमान में बीएलओ यानि बूथ लेवल अधिकारी की ड्यूटी भी सौंप दी गई है। विभागीय बैठकों और बीएलओ से जुड़े सर्वे के कार्यों के कारण शिक्षक को बार बार विद्यालय परिसर से बाहर जाना पढ़ता है। अभिभावकों का आरोप है कि जब शिक्षक बीएलओ या अन्य प्रशासकीय कार्यों से बाहर जाते हैं तब ३२ मासूम बच्चों को संभालने की जिम्मेदारी रसोइया के भरोसे छोड़ दी जाती है। क्या रसोइया बच्चों को पडा सकती है एक अकेले शिक्षक से पाँच कक्षाओं के संचालन और बीएलओ जैसी अति व्यस्त ड्यूटी के बीच बच्चों का भविष्य कैसे संवरेगा। इस परिस्थिति में विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में देखने को मिल रहा है,जहां एक समय में एक कक्षा को भी शिक्षण कार्य करवाया जा रहा है। ऐसे में पांच कक्षाओं के शिक्षण कार्य की दिक्कत भी बनी हुई है।

जर्जर भवन और विषैले जीवों का बना हैं साया

विद्यालय में केवल शिक्षकों की कमी ही समस्या नहीं है बल्कि सुरक्षा व्यवस्था भी ध्वस्त है। स्कूल की पुरानी और क्षतिग्रस्त बिल्डिंग कभी भी किसी बडे हादसे का कारण बन सकती है। जहाँ वर्ष २०२० से यह समस्या हैं जिसको लेकर अनेकों बार मांग की गई है, पर आज तक भवन को डिस्मेंटल नहीं किया गया जो एक बड़ी दुर्घटना का केंद्र बना है। वहीं परिसर के आसपास कचरे का ढेर लगा रहता है जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है। भवन की साफ. सफाई के अभाव और जर्जर दीवारों के कारण पूर्व में भी परिसर में कई बार जहरीले सांप निकल चुके हैं। गाँव के आक्रोशित पालकों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि विद्यालय में तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना की जाये। जर्जर भवन का तकनीकी निरीक्षण कर उसे अविलंब डिस्मेंटल करवाये ,परिसर की समुचित साफ. सफाई कराकर बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार किया जाए। यदि प्रशासन ने जल्द ही स्कूल की व्यवस्था में सुधार नहीं किया और शिक्षक की व्यवस्था नहीं की तो वे स्कूल में ताला जडक़र बच्चों के साथ सडक़ों पर उतरेंगे और चक्काजाम आंदोलन करने की चेतावनी दी हैं जिसकी जवाबदेही शासन व प्रशासन की होगी।

स्कूल में शिक्षक सहित अन्य सभी समस्या है जो ५ वर्षो से पुरी नही हुई है-विजय कातरे

पालक संघ अध्यक्ष विजय कातरे ने बताया की स्कूल का मामला यह है कि यहां एक पुराना भवन है जहां से सांप बिच्छू निकलते रहते हैं। स्कूल में शिक्षक की भी समस्या है जिसके लिए पत्र व्यवहार किया गया है किंतु अभी तक व्यवस्था नहीं हो पाई है इन सब में बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है। शासन से मांग है कि बच्चे जो पढ़ रहे हैं वह ठीक से नहीं हो रहा है ,यहां एक शिक्षक है जिसके पीछे अनेको काम है इससे पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। शासन प्रशासन को यहां शिक्षक की व्यवस्था करना चाहिए।

बच्चों के हित में मांगे पूरी नहीं हुई तो चक्काजाम करना पड़ेगा-प्रबंधन ठाकुर

ग्रामीण प्रबंधन ठाकुर ने बताया कि बच्चों की शिकायत है कि उनके यहां शिक्षक नहीं है कभी तो रसोईया स्कूल संभालती है शिक्षक काम से बाहर जाते हैं। यहां की मैडम छुट्टी पर है ऐसे में कई समस्या हो रही है इस संबंध में प्रधान पाठक ने अधिकारी को भी अवगत कराया है, परंतु कुछ हुआ नहीं है। दो माह से शिक्षक की व्यवस्था नहीं कर पाए हैं और मौजूदा शिक्षक को बीएलओ का अतिरिक्त प्रभार दे दिया गया है जिसे स्कूल छोडक़र जाना पड़ रहा है। वर्ष २०२० से यहां पर एक पुराना भवन है जिसे हम तोडऩे की मांग कर रहे हैं ५ वर्ष में वह भी नहीं तोड़ा गया है। लगातार विशेले जिव निकलते हैं फ ॉरेस्ट वालों को बुलाना पड़ता है दुर्घटना होने…

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