पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग के खस्ताहाल एवं जगह-जगह बने जानलेवा गड्डों के कारण आवागमन में हो रही परेशानियों एवं आये दिन हो रहे दुर्घटनाओं की समस्या को लेकर बालाघाट एक्सप्रेस अखबार में प्रमुखता से उठाते हुए समाचार प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यानाकर्षण करवाया गया था। जिसके बाद सडक़ विभाग के अधिकारी हरकत में आये। इस तरह से खबर प्रकाशन होते ही आनन-फानन में जिम्मेदार अधिकारी सडक़ के खस्ताहाल की सुध लिये और मार्ग में जगह-जगह बने गड्डों का मरम्मत कार्य करवाया जा रहा है। लेकिन सडक़ के गड्डों का मरम्मत कार्य गुणवत्ताहीन किया जा रहा है। जिससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि चंद दिनों में ही गड्डे जस के तस हो जायेगें। सडक़ में बने गड्डों का मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है यानि की यह मरम्मत कार्य चंद दिनों का मेहमान है। वहीं सडक़ के गड्डों के मरम्मत कार्य की जमीनी हकीकत देखकर राहगीर और ग्रामीण एक बार फिर ठगा सा महसूस कर रहे हैं। गड्डों से पटे पड़े इस व्यस्ततम हाईवे मार्ग पर स्थायी निर्माण या डामरीकरण करने के बजाय विभाग द्वारा महज ‘लीपापोती’ का खेल खेला जा रहा है। गड्डोंं को भरने के नाम पर केवल सूखी गिट्टी और डस्ट (मिट्टी) डाली जा रही है, जो गुणवत्ताहीन कार्य का जीता-जागता प्रमाण है। स्थानीय निवासियों और वाहन चालकों का कहना है कि बिना किसी डामर (कोलतार) के गड्डोंं में डाली जा रही यह गिट्टी महज दो-चार दिनों की मेहमान है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश होने पर यह गिट्टी उखडक़र बह जायेगी। जिससे सडक़ का हाल फिर से वैसा ही हो जायेगा और सडक़ पर बिखरी गिट्टी के कारण दुपहिया वाहन चालकों के फिसलने और दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा कई गुना बढ़ जायेगा। अधिकारी सिर्फ अखबार में छपी खबर से बचने और कागजी खानापूर्ति के लिए यह काम करवा रहे हैं। जब तक सही तरीके से डामरीकरण नहीं होगा, यह गिट्टी कुछ दिनों में गायब हो जायेगी। जबकि गड्डों का गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य होना चाहिए।
हवा में साबित हुई तमाम प्रशासनिक घोषणाएं
उल्लेखनीय है कि बालाघाट से सिवनी को जोडऩे वाला यह मार्ग व्यापारिक और स्वास्थ्य सेवाओं की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधियों और उच्च अधिकारियों द्वारा इस मार्ग के नये सिरे से डामरीकरण और फोरलेन/टू-लेन चौड़ीकरण को लेकर पूर्व में कई बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जा चुकी हैं। स्वीकृति के बाद भी अटका काम, कागजों में स्वीकृतियां मिलने का दावा तो बार-बार किया जाता है, लेकिन आज तक जमीनी स्तर पर स्थाई निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। रोजाना हजारों लोग इस मार्ग पर हिचकोले खाते हुए जोखिम भरा सफर तय करने को मजबूर हैं। बार-बार की झूठी घोषणाओं और दिखावटी मरम्मत से क्षेत्रीय जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है। क्षेत्रीयजनों ने शासन-प्रशासन से वर्तमान में हाईवे मार्ग में बने गड्डों का गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य एवं बरसात के बाद नवीन सडक़ का निर्माण कार्य करवाने की मांग की है।










































