जिले के बहुचर्चित करोड़ों रुपए के डबल मनी प्रकरण में पुलिस ने निवेशकों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इस सूची में 150 निवेशकों के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस ने सूची में शामिल निवेशकों को 30 और 31 जुलाई को सुबह 10 बजे से शाम 4.30 बजे तक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में बनाए गए हेल्पडेस्क पर पहुंचकर निर्धारित आवेदन के साथ आवश्यक दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले पुलिस पहली सूची में 113 निवेशकों के नाम जारी कर चुकी है। इस तरह अब तक 263 निवेशकों को आवेदन प्रक्रिया के लिए सामने लाया जा चुका है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के पास से जब्त किए गए रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच लगातार जारी है तथा आगे भी निवेशकों की सूची चरणबद्ध तरीके से जारी की जाएगी।
एसआईटी द्वारा आरोपियों के ठिकानों से बरामद रजिस्टरों में डबल मनी योजना में रकम लगाने वाले लोगों के नाम और लेन-देन से जुड़ी जानकारी दर्ज मिली है। इसी रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस निवेशकों का सत्यापन कर रही है। पुलिस की ओर से जारी सूची में नाम आने के बाद संबंधित निवेशकों को अपने निवेश से जुड़े दस्तावेज, चेक, बैंक पासबुक तथा अन्य उपलब्ध प्रमाण लेकर हेल्पडेस्क पर पहुंचना है। यहां पुलिस उनके आवेदन और दस्तावेजों को रिकॉर्ड में दर्ज कर आरोपियों के पास से मिले दस्तावेजों से मिलान करेगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि हेल्पडेस्क पर आवेदन जमा करने के बाद तत्काल निवेश की राशि वापस नहीं की जाएगी। कई निवेशकों में यह भ्रम बना हुआ है कि सूची में नाम आने और दस्तावेज जमा करने के बाद पुलिस कार्यालय से ही उनकी रकम लौटा दी जाएगी, जबकि ऐसा नहीं है। पुलिस फिलहाल केवल निवेशकों की पहचान, निवेश की राशि और संबंधित दस्तावेजों का रिकॉर्ड तैयार कर रही है। रकम की वापसी की प्रक्रिया आगे न्यायालयीन कार्रवाई और नियमानुसार जब्त संपत्ति के निस्तारण के बाद ही संभव होगी। इधर, डबल मनी मामले की जांच कर रही एसआईटी ने मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने से जुड़ी दो लग्जरी कारें भी जब्त की हैं। पुलिस के अनुसार इनोवा क्रमांक MP-50, CA-1074 और टाटा हैरियर क्रमांक CG-04, MR-9341 को जांच के दायरे में लेकर जब्त किया गया है। दोनों वाहनों को फिलहाल नगर पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में रखा गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक वाहन गोंदिया और दूसरा ग्वालियर से बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि एसआईटी ने आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया है कि दोनों वाहनों को किस व्यक्ति के कब्जे से और किन परिस्थितियों में जब्त किया गया। वाहनों के संबंध में भी जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सोमेंद्र कंकरायने ने इनोवा के गोंदिया में होने की जानकारी दी थी। वहीं हैरियर के संबंध में उसने कथित तौर पर इसे पूर्व विधायक रमेश भटेरे के करीबी के पास होने की बात कही थी। बाद की जानकारी में वाहन पूर्व विधायक के बॉडीगार्ड के पास होने की बात सामने आई। अब एसआईटी द्वारा दोनों वाहनों को जब्त किए जाने के बाद इनके स्वामित्व, उपयोग और डबल मनी प्रकरण से संभावित संबंधों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि वाहनों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की जांच से मामले की आर्थिक कड़ियों को जोड़ने में मदद मिल सकती है। पुलिस की ओर से निवेशकों की सुनवाई शुरू किए जाने के बाद पिछले दो दिनों से एसपी कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग आवेदन लेकर पहुंच रहे हैं। इनमें ऐसे निवेशक भी शामिल हैं, जिन्होंने डबल मनी के लालच में अपनी जीवनभर की जमा पूंजी लगा दी थी। किसी ने मवेशी बेचकर रकम लगाई तो किसी ने परिवार की बचत से निवेश किया। अब आरोपियों की गिरफ्तारी और पुलिस द्वारा निवेशकों का रिकॉर्ड जुटाए जाने के बाद लोगों को अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद जगी है।
मवेशी बेचकर लगाई थी राशि
लांजी क्षेत्र के बापड़ी गांव से एक मजदूर को लेकर एसपी कार्यालय पहुंचे कामताप्रसाद बनोटे ने बताया कि उनके साथ आए मजदूर ने डबल मनी में 20 हजार रुपए लगाए थे। मजदूर ने यह रकम अपने मवेशी बेचकर जुटाई थी। डबल मनी मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद निवेश की गई रकम वापस नहीं मिली। अब पुलिस द्वारा आवेदन मंगाए जाने की जानकारी मिलने पर वह मजदूर के साथ आवेदन जमा करने पहुंचे हैं। उन्हें उम्मीद है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।
चाचा ने डबल मनी में पैसा लगाया था, पर अब वह नही रहे
इसी तरह लांजी क्षेत्र की एक युवती भावना भी अपने चाचा के नाम से आवेदन जमा करने एसपी कार्यालय पहुंची। उसने बताया कि उसके चाचा ने डबल मनी योजना में रकम लगाई थी, लेकिन अब उनका निधन हो चुका है। ऐसे में उनके निवेश से संबंधित दस्तावेज लेकर वह पुलिस के समक्ष आवेदन जमा करने पहुंची है। उसका कहना है कि परिवार को अब उम्मीद है कि पुलिस की कार्रवाई के बाद चाचा द्वारा लगाई गई रकम वापस मिल सकेगी।डबल मनी में एक लाख रुपए निवेश करने वाले संजय कुचलाहे भी आवेदन जमा करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि लंबे समय से उनकी रकम फंसी हुई है और पुलिस की कार्रवाई के बाद अब उम्मीद जगी है कि कम से कम मूलधन वापस मिल जाए। उनका कहना है कि यदि उन्हें केवल उनकी जमा राशि भी वापस मिलती है तो वह संतुष्ट होंगे, जबकि ब्याज की राशि मिलने पर यह उनके लिए अतिरिक्त राहत होगी। इसी तरह महिला प्रिया बिहोने ने अपनी सहेलियों के साथ चर्चा के बाद डबल मनी योजना में करीब तीन लाख रुपए निवेश किए थे। अब पुलिस द्वारा निवेशकों के आवेदन लिए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के बाद उन्हें भी अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद है। उनके जैसे कई निवेशक एसपी कार्यालय पहुंचकर अपने दस्तावेज जमा कर रहे हैं और पुलिस से मामले में जल्द कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
अपने नाम के लिये सूची जारी होने का इंतजार करें
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपियों से जब्त किए गए रजिस्टरों में अभी और भी निवेशकों के नाम दर्ज हैं। इन रजिस्टरों को खंगालकर नाम, निवेश की राशि और अन्य विवरण अलग किए जा रहे हैं। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आगामी दिनों में और सूचियां जारी की जाएंगी। नगर पुलिस अधीक्षक एवं एसआईटी प्रमुख मयंक तिवारी ने निवेशकों से अपील की है कि जिन लोगों का नाम अभी जारी सूची में नहीं आया है, वे घबराएं नहीं और अपनी सूची जारी होने का इंतजार करें। पुलिस सभी नामों को क्रमबद्ध तरीके से सामने लाने की प्रक्रिया में जुटी है।









































