दमोह में बच्चियों को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में बाल आयोग ने दमोह कलेक्टर को भेजा नोटिस, कार्रवाई करने कहा

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 जिले के जबेरा ब्लॉक के आदिवासी बाहुल्य बनिया गांव में बारिश न होने पर बच्चियों को बिना कपड़ों के गांव की गलियों में घुमाया गया था। महिलाओं का मानना था कि ऐसा करने से बारिश होती है। मामला सामने आने के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने दमोह कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य को नोटिस जारी कर 10 दिन के अंदर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने कलेक्टर से बच्चियों का आयु प्रमाण पत्र, जांच रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज मांगे हैं। कलेक्टर ने जांच में तथ्य सामने आने के बाद कार्रवाई की बात कही है। बच्चियों की उम्र तीन से चार साल के बीच बताई गई है। दरअसल बनिया गांव के लोग कम बारिश होने से परेशान हैं इसलिए रविवार सुबह गांव की महिलाएं इकट्ठा हुईं और इन छोटी बच्चियों को निर्वस्त्र कर पूरे गांव में एक चक्कर लगवाया। ग्रामीणों ने बच्चियों से खेर माता को गोबर से ढक दिया और अनाज कूटने वाले मूसर को उलटा रखवा दियाआस्‍था और मान्‍यता बता रहे : वन समिति अध्यक्ष पवन सिंह का कहना था कि बारिश न होने के कारण किसानों की फसलें प्रभावित हो गई हैं, लोग पानी के लिए परेशान हैं। 

इसलिए गांव की महिलाओं ने यह टोटका किया है। यह लोगों की आस्था और विश्वास से जुड़ा मामला है। इस टोटके से किसी को कोई भी नुकसान नहीं है यह तो धार्मिक क्रिया है। यह गांव के लोगों की आस्था और मान्यता है। पंचायत सचिव जागेश्वर राय का कहना है कि रविवार होने के कारण वह पंचायत नहीं गए थे, लेकिन उन्हें जानकारी मिली है कि गांव के लोगों ने बारिश के लिए एक टोटका किया है। गांव की महिलाओं ने छोटी बच्चियों को निर्वस्त्र कर गांव में घुमाया है। उन्होंने कहा कि यह गांव के लोगों की आस्था और मान्यता है। इस मामले में एसपी डीआर तेनीवार ने कहा आदिवासी महिलाओं ने ऐसा किया है इसका वीडियो सामने आया है। हालांकि अभी तक अभिभावकों ने किसी तरह की शिकायत पुलिस में दर्ज नहीं कराई है वे इसकी जांच कराएंगे।

शुरू हो गई जांच : इस पूरे मामले में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने कलेक्टर को नोटिस जारी कर जांच करने के लिए कहा है। कलेक्टर एसकृष्ण चैतन्य ने कहा कि एनसीपीआर से मामला संज्ञान में लेते हुए महिला बाल विकास विभाग की एक टीम जांच करने चली गई है। इस विषय को गंभीरता से लिया गया है। चिल्ड्रन

वेलफेयर कमेटी को भी जांच के लिए कहा गया है। उनकी पूरी जांच रिपोर्ट ली जाएगी। कहीं से भी ऐसी रिपोर्ट आती है कि बच्चों को यह काम करने के लिए मजबूर किया गया है या किसी व्यक्ति द्वारा यह काम किया गया है तो इस पर विधिवत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा बच्चों के किसी भी अधिकार का हनन हुआ है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कुरूति को खत्म करने के लिए ग्रामीणों को जागरूक किया जाएगा एनजीओ के माध्यम से वहां के लोगों को इस प्रकार की प्रथा को खत्म करने के लिए जागरूक किया जाएगा। बच्चों की पहचान को उजागर नहीं किया जा सकता। जिस व्यक्ति ने भी वीडियो बनाकर पहचान उजागर

की है उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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