धर्मशाला की हसीन वादियों और ठंडी हवाओं के बीच सोमवार को पंजाब किंग्स की किस्मत का सूरज ढलता नजर आया। एचपीसीए स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार ने पंजाब के गेंदबाजी आक्रमण की उन कमजोरियों को उजागर कर दिया है, जो इस पूरे सीजन उनकी सबसे बड़ी दुश्मन रही हैं। कप्तान श्रेयस अय्यर की टीम ने न केवल रन लुटाए, बल्कि दबाव के क्षणों में अनुशासनहीनता का ऐसा प्रदर्शन किया कि दिल्ली ने धर्मशाला के इतिहास का सबसे बड़ा लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया।
खराब फील्डिंग ने किया काम खराब
आईपीएल 2026 में लगातार चौथी हार झेलने के बाद पंजाब किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह अब नामुमकिन सी नजर आने लगी है। 210 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भी पंजाब के गेंदबाज उसे बचाने में नाकाम रहे। पंजाब की सबसे बड़ी समस्या उनकी दिशाहीन गेंदबाजी रही, उन्होंने कुल 18 अतिरिक्त रन (17 वाइड और 1 नो-बॉल) दिए, जो दर्शाता है कि टीम के पास कोई ठोस प्लानिंग नहीं थी। कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी मैच के बाद बिना किसी लाग-लपेट के स्वीकार किया कि उनकी हार की मुख्य वजह खराब गेंदबाजी और लचर फील्डिंग रही।










































