बैगा बच्चों की मौत और अतिथि शिक्षकों की मांगों पर आजाद समाज पार्टी ने किया प्रदर्शन

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15 दिन के अल्टीमेटम के साथ बालाघाट में बड़े आंदोलन की दी चेतावनी,
एसडीएम को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
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पदमेश न्यूज़। बालाघाट।बैगा आदिवासी बच्चों की मौत, आदिवासी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं की कमी और अतिथि शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) एवं भीम आर्मी के तत्वावधान में शुक्रवार को यातायात थाने के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान संगठन ने प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन से मांगों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि 15 दिवस के भीतर मांगों पर ठोस अमल नहीं हुआ तो बालाघाट में बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।प्रदर्शन में आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय कोर कमेटी सदस्य एवं डीपीएएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष दामोदर यादव मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि बैगा आदिवासी बच्चों की मौत का मामला बेहद गंभीर है। प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने के साथ आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

विपक्षी दलों की भूमिका पर भी उठाए सवाल
उन्होंने विपक्षी दलों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रभावित परिवारों के मुद्दों को मजबूती से उठाने की आवश्यकता है। उनका आरोप था कि कई बार नेता केवल फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं, जबकि पीड़ित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर संघर्ष जरूरी है।धरना-प्रदर्शन के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने बालाघाट एसडीएम को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 32 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में प्रभावित परिवारों को न्याय एवं सहायता, आदिवासी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाएं, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और अतिथि शिक्षकों को नियमित करने सहित विभिन्न मांगें रखी गईं।

अतिथि शिक्षकों के लिए विशेष नीति की मांग
ज्ञापन में लंबे समय से सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षकों को उनकी योग्यता, पात्रता एवं कार्यानुभव के आधार पर विभागीय परीक्षा अथवा विशेष नीति के माध्यम से नियमित करने की मांग की गई। साथ ही अतिथि शिक्षकों के लिए 12 माह का अनुबंध कर प्रतिमाह नियमित वेतन दिए जाने की मांग भी रखी गई।

कैलाश-सावित्री प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग
किरनापुर थाना क्षेत्र के टिमकीटोला निवासी कैलाश चौधरी और उनकी पत्नी सावित्री से संबंधित घटना की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग भी ज्ञापन में की गई। संगठन ने कहा कि मामले में निष्पक्ष जांच के माध्यम से पीड़ित पक्ष को न्याय मिलना चाहिए।

स्वास्थ्य केंद्र और नियमित चिकित्सा शिविर की मांग
ज्ञापन में बैगा आदिवासी क्षेत्रों में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने, प्रत्येक माह नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने, बच्चों को कुपोषण से बचाने के लिए संतुलित आहार उपलब्ध कराने तथा नल-जल योजना के माध्यम से शुद्ध पेयजल मुहैया कराने की मांग की गई। साथ ही शासकीय सांदीपनी विद्यालय में मर्ज किए गए गांवों के सरकारी स्कूलों को आवश्यक सुविधाओं के साथ यथावत संचालित करने की मांग रखी गई।

मांग पूरी न होने पर करेंगे बड़ा आंदोलन
संगठन ने 32 बैगा आदिवासी बच्चों के प्रभावित परिजनों को प्रति परिवार 30 लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगें केवल ज्ञापन तक सीमित नहीं रहेंगी। निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

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