पदमेश न्यूज़, बालाघाट।भीषण गर्मी के इस दौर में जहां लोगों को ठंडे पेयजल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है,वही जिला अस्पताल के ट्रामा सेंटर परिसर में पेयजल व्यवस्था ही लोगों की परेशानी का कारण बन गई है।जहां जिम्मेदारो की उदासीनता के चलते ट्रामा में भर्ती मरीजों के परिजनों को ठंडा पानी लेने के लिए वाटरकूलर तक पहुचने में काफी जद्दोजहद का सामना करना पड़ रहा है।दरअसल ट्रामा सेंटर में गेट के पास लगाए गए वाटरकूलर तक पहुंचने वाले मार्ग पर 3-3 चौपहिया वाहन खड़े कर रास्ता ही रोक दिया गया हैं।जिससे वहां तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।हैरानी की बात तो यहा है कि वाटरकूलर पहुच मार्ग पर किसी के नही चौपहिया वाहन नही, बल्कि सरकारी वाहन खड़े किए गए है।जिसमे 2 एम्बुलेंस वाहनों का भी शमावेश है।परेशानी यहां तक ही सीमित नही है बल्कि ट्रामा सेंटर परिसर गेट के समीप बनी पानी निकासी की नाली भी चोक हो चोक हो चुकी है। पिछले तीन माह से नाली की साफ सफाई न होने के चलते नाली जाम हुई नाली का पानी, ट्रामा सेंटर परिसर में बह रहा है जिससे जहां एक को परिसर दुर्गंध से सराबोर है, तो वहीं दूसरी ओर संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। जिस पर अब तक जिम्मेदारो द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया है। जिसके चलते ट्रामा सेंटर में भर्ती मरीज और उनके परिजन काफी परेशान है।जिन्होंने अस्पताल प्रबंधन से पेयजल के लिए वाटरकूलर तक जाने वाले पहुंच मार्ग पर खड़ी की गई गाड़ियों को हटवाने और दुर्गंध मार रही नालियों की साफ सफाई कराकर व्यवस्थाओं में सुधार किए जाने की मांग की है।
सरकारी गाड़िया अड़ाकर, बंद किया गया मार्ग, पानी लेने में हो रही परेशानी
बताया गया कि गर्मी के इस दौर में ट्रामा सेंटर परिसर में लगा वाटरकूलर मरीजों और उनके साथ आए लोगों के लिए बड़ी राहत है, लेकिन अब उसके सामने वाहनों की कतार खड़ी रहने से रास्ता पूरी तरह बाधित हो गया है। गर्मी से परेशान लोग पानी लेने के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। वाटर कूलर तक पहुंच मार्ग बंद हो जाने के चलते कोई ट्रामा सेंटर परिसर स्थित कैंटीन से गर्म पानी भरने के लिए मजबूर है, तो कोई जिला अस्पताल जाकर वहां के वाटर कूलर से ठंडा पानी भरकर लाने को मजबूर हो रहा है। इसके अलावा वाहन खड़े होने से वहां का वाटर कूलर कई लोगों को दिखाई नहीं दे रहा है। जिसके चलते कई लोग 20 की ठंडी पानी की बोतल खरीदकर अपनी प्यास बुझाने के लिए मजबूर हैं। हैरत की बात तो यहां है कि यहां वाटर कूलर पहुंच मार्ग पर खड़े किए गए चौपहिया वाहन किसी आम नागरिकों के नहीं है। बल्कि सरकारी वाहन अड़ाकर वाटरकूलर तक जाने वाले पहुंच मार्ग को बंद किया गया है। इसमें जहां एक प्रशासनिक सेवा में संलग्न बुलेरो वाहन है, तो वहीं दो एंबुलेंस वाहनों को भी वाटर कूलर पहुंच मार्ग पर खड़ा कर उक्त मार्ग को बंद किया गया है। इसमें वाहन क्रमांक एमपी 50 टी 1102, एंबुलेंस वाहन क्रमांक सीजी 04 एनयू 7427 और एंबुलेंस वाहन क्रमांक सीजी 04 एनयू 7432 वाहन का समावेश है। जिन्हें तत्काल हटाने की मांग मरीजो के परिजनों द्वारा की गई है
चोक नाली से बह रहा गंदा पानी
ट्रामा सेंटर परिसर की अव्यवस्थाएं यहीं खत्म नहीं होतीं।बल्कि ट्रामा सेंटर की नाली पिछले करीब तीन माह से जाम पड़ी हुई है।जिससे नाली का गंदा पानी ओवरफ्लो होकर परिसर में बह रहा है, जिससे चारों ओर बदबू फैल रही है।जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।ट्रामा परिसर में खड़े कुछ लोगो ने बताता की कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक नाली की सफाई नहीं कराई गई। गर्मी के मौसम में गंदे पानी और बदबू के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। अस्पताल जैसे संवेदनशील परिसर में इस तरह की लापरवाही लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
संक्रमण फैलने का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पताल परिसर में गंदगी और रुका हुआ पानी, मच्छरों एवं बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है। इससे मरीजों के साथ-साथ उनके परिजनों पर भी संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है।ट्रामा सेंटर में पहले से गंभीर मरीज भर्ती रहते हैं, ऐसे में साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है।
लोगों ने जताई नाराजगी
अस्पताल पहुंचे लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि एक ओर सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है, वहीं दूसरी ओर जिला अस्पताल में मूलभूत सुविधाएं भी प्रभावित हो रही हैं। लोगों ने वाटरकूलर तक पहुंच का रास्ता खाली कराने, नियमित सफाई कराने और नाली की तत्काल साफ सफाई कराकर पानी निकासी व्यवस्था बनाए जाने की मांग की है।










































