श्योपुर: नामीबिया से भारत लाए गए चीतों ने अब कूनो नेशनल पार्क की सीमाओं को लांघना शुरू कर दिया है। ये चीते मध्य प्रदेश के केंद्रीय इलाकों में नए शिकारगाह और नए ठिकाने तलाशते हुए स्वतंत्र रूप से घूम रहे हैं। जैसे-जैसे ये चीते अपने तय आवास से बाहर निकल रहे हैं, वैसे-वैसे वन विभाग और प्रोजेक्ट चीता प्रशासन के सामने इनकी सुरक्षा और मॉनिटरिंग सबसे बड़ी चुनौती बनती जा रही है। इस चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन ने एक अभूतपूर्व 24×7 मैदानी अभियान छेड़ दिया है।
कूनो नेशनल पार्क से बाहर निकले चीते
हाल ही में आई कूनो की नवीनतम न्यूजलेटर रिपोर्ट के अनुसार, भारत में चीता प्रोजेक्ट के चार साल पूरे होने के बाद अब स्थिति काफी बदल चुकी है। 17 सितंबर 2022 को नामीबिया से पहली खेप आने के बाद से अब कूनो और उसके आसपास के विस्तृत भू-भाग में कुल 30 कॉलर वाले चीतों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इनमें से 18 चीते छह अलग-अलग जिलों में पूरी तरह खुले तौर पर (फ्री-रेंजिंग) घूम रहे हैं, जबकि 12 चीते बड़े बाड़े वाले प्राकृतिक जंगलों के सुरक्षित दायरे में रह रहे हैं। चीतों के इस तरह बाहर निकलने से स्थानीय इलाकों में रोमांच के साथ-साथ प्रशासनिक सतर्कता भी अपने चरम पर है।










































