मिडिल ईस्‍ट संकट के बीच सरकार ने फिर बढ़ाई यह डेडलाइन, इस कदम का मतलब

0

नई दिल्‍ली: भारत ने एक बार फिर तेल और गैस की खोज के लिए लाइसेंस देने के दसवें दौर के तहत बोलियां जमा करने की डेडलाइन दी है। फरवरी 2025 में इस दौर की शुरुआत के बाद से यह पांचवीं बार है जब समय सीमा बढ़ाई गई है। अब डेडलाइन को बढ़ाकर 19 जून किया गया है। पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच यह सरकार का अहम कदम माना जा रहा है।

इस कदम का मतलब

  • मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान संकट के चलते ग्‍लोबल तेल सप्‍लाई में डिस्‍रप्‍शन का जोखिम गहरा गया है।
  • इसने भारत जैसी कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता वाली अर्थव्यवस्था के लिए एनर्जी सिक्‍योरिटी को बड़ी चुनौती बना दिया है।
  • ऐसे नाजुक समय में ग्‍लोबल कंपनियां ऊंचे जोखिम और अस्थिर कीमतों के कारण नए निवेश से कतरा रही हैं।
  • ऐसे में सरकार की ओर से तेल-गैस ब्लॉकों की बोली (OALP) की डेडलाइन को 19 जून तक बढ़ाना एक रणनीतिक कदम है।

11वें दौर के लिए बढ़ी है यह डेडलाइन

सरकार ने मार्च में शुरू की गई ‘ओपन एकरेज लाइसेंसिंग पॉलिसी’ (OALP) के तहत ग्यारहवें दौर के लिए भी डेडलाइन बढ़ा दी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here