यूक्रेन के हमले ने उड़ाई रूस की नींद, कच्चे तेल के टैंकरों पर लगेगा ब्रेक, भारत के लिए खतरे की घंटी क्यों?

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नई दिल्ली: यूक्रेन के ताजा हमलों ने रूस की नींद उड़ा दी है। रूस पहले से ही रिफाइनरी में बढ़ती बाधाओं और घरेलू स्तर पर ईंधन की भारी किल्लत से जूझ रहा है। अब यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने मॉस्को का चैन छीन लिया है। ऐसे में रूस इस महीने अपने कच्चे तेल के निर्यात में भारी कटौती करने की तैयारी कर रहा है। मॉस्को को घरेलू बाजार में आपूर्ति बनाए रखने के लिए कच्चे तेल के बड़े हिस्से को देश के भीतर ही डायवर्ट करने पर मजबूर होना पड़ा है। रूसी तेल की आयात में कमी होने के कारण भारत को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

रॉयटर्स के मुताबिक जून में रूस के पश्चिमी बंदरगाहों (प्रिमॉर्स्क, उस्त-लूगा और नोवोरोस्सिय्स्क) से होने वाला निर्यात गिरकर लगभग 17 लाख बैरल प्रति दिन (bpd) रह सकता है, जो मई में 25 लाख बैरल प्रति दिन था। यह गिरावट ऐसे समय में आ रही है जब रूस कच्चे तेल के घटते उत्पादन के बीच ईंधन की कमी से निपटने के लिए अपनी रिफाइनरियों का आउटपुट बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

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