नई दिल्ली: 20 जुलाई से संसद के मानसून सत्र की शुरूआत हो चुकी है। 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र में कुल 19 बैठकें आयोजित होंगी। जिसमें केंद्र सरकार आयकर और MSME सुधार, आयकर (संशोधन) विधेयक, जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक 2026 और राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक 2026 सदन में पेश कर सकती है। सत्र का पहला हंगामे की भेंट चढ़ गया, साथ ही दूसरे दिन भी हंगामे के आसार बने हुए हैं। लेकिन इस दौरान नियम 267 की खूब चर्चा हो रही है, क्योंकि इसी नियम के तहत विपक्ष राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विषय, नीट एग्जाम में कथित पेपर लीक के मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग कर रहा है। जानते हैं आखिर रूस 267 क्या है…
राज्यसभा का नियम 267 क्या है ?
आसान भाषा में समझें तो राज्यसभा के नियम 267 के तहत कोई भी सांसद, सभापति की अनुमति से बेहद महत्वपूर्ण और तत्काल जनहित के मुद्दों पर चर्चा करने के लिए सदन के उस दिन के तय कार्य को अस्थायी रूप से स्थगित करने का प्रस्ताव रख सकता है। अगर सभापति परमिशन देते हैं और सदन में प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है। तो उस दिन का तय एजेंडा रोककर उसी मुद्दे पर चर्चा होती है।










































