नीमच प्रशासन ने शनिवार सुबह बड़ी कार्रवाई करते हुए 500 करोड़ रुपए मूल्य की 4.32 लाख वर्ग फीट जमीन को अपने कब्जे में ले लिया है। अदालत का फैसला नगर पालिका के पक्ष में आने और स्टे निरस्त होने के बाद 4 जेसीबी मशीनों और 300 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में यहां अवैध निर्माणों व बाउंड्रीवॉल को ध्वस्त कर दिया गया।नीमच: मध्य प्रदेश के नीमच शहर में प्रशासन ने शनिवार सुबह एक बड़ा और सख्त एक्शन लेते हुए करोड़ों रुपए की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया है। कैंट थाना क्षेत्र के सिंधी कॉलोनी-ग्वालटोली रोड पर स्थित जीवाजी राव छात्रावास परिसर में प्रशासनिक अमला भारी पुलिस बल के साथ पहुंचा और देखते ही देखते अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया गया। इस कार्रवाई से आसपास के इलाकों में हड़कंप मच गया है।
कानूनी पेंच सुलझते ही सुबह-सुबह हुई कार्रवाई
यह पूरी जमीन मूल रूप से कालिदास शिक्षा समिति को छात्रावास के संचालन के लिए आवंटित की गई थी। हालांकि, लंबे समय से इस परिसर में अन्य व्यावसायिक या गैर-निर्धारित गतिविधियां संचालित होने और आवंटन शर्तों के उल्लंघन को लेकर विवाद चल रहा था। मामले में समिति के पक्ष में पूर्व में स्टे जारी हुआ था, लेकिन हाल ही में जैसे ही यह स्टे निरस्त हुआ और अदालत का फैसला नगर पालिका के पक्ष में आया, प्रशासन ने बिना देर किए शनिवार सुबह ही जमीन को अपने कब्जे में लेने की योजना पर अमल शुरू कर दिया।कालिदास शिक्षा समिति के कब्जे वाली लगभग 500 करोड़ रुपए मूल्य की 4.32 लाख वर्ग फीट जमीन पर यह कार्रवाई की गई है।
सुबह 6 बजे ही 300 से अधिक पुलिसकर्मियों, एसडीएम, सीएमओ और पटवारियों समेत पूरा राजस्व अमला मौके पर तैनात हो गया था।
कार्रवाई के दौरान 4 जेसीबी मशीनों की मदद से परिसर के अवैध निर्माणों और बाउंड्रीवॉल को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया।
शुक्रवार को ही प्रशासनिक स्तर पर पूरी रणनीति तैयार कर ली गई थी। शनिवार तड़के कैंट थाने पर 200 से 300 पुलिसकर्मियों का बल इकट्ठा किया गया। नीमच जिले के कई थानों के थाना प्रभारियों के साथ एसडीएम, सीएमओ और पटवारियों का पूरा अमला मौके पर पहुंचा। सुबह-सुबह अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।अब अंबेडकर रोड की पक्की दुकानों और पेट्रोल पंप पर टिकी नजरें
छात्रावास परिसर के अंदरूनी हिस्सों और बाउंड्रीवॉल पर बुलडोजर चलने के बाद अब शहरवासियों और स्थानीय दुकानदारों की निगाहें अंबेडकर रोड की ओर टिक गई हैं। दरअसल, इसी विवादित जमीन के एक हिस्से के पास अंबेडकर रोड किनारे कई पक्की दुकानें और एक पेट्रोल पंप भी संचालित हो रहे हैं। अब स्थानीय स्तर पर यही चर्चा जोरों पर है कि क्या प्रशासन का बुलडोजर इन पक्की दुकानों और पेट्रोल पंप पर भी चलेगा या फिर कार्रवाई फिलहाल छात्रावास परिसर तक ही सीमित रहेगी। प्रशासनिक अधिकारियों के अगले कदमों पर पूरे शहर की नजर टिकी हुई है।






































