काम नही आई जमानत याचिका, पमनानी को जाना पड़ा जेल

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पदमेश न्यूज़, बालाघाट।नगर के वार्ड नंबर 23 आकाशवाणी चौक निवासियों के मकान पर बुलडोजर कार्यवाही न करने और उन्हें मकान खाली करने के लिए 6 से 8 माह का समय मांगे जाने की मांग को लेकर कलेक्टर कार्यालय का गेट बंद कर धरना व प्रदर्शन नारेबाजी करने वाले मामले में आदमी पार्टी के प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज पमनानी की जमानत याचिका निरस्त कर दी गई है।जहां तहसीलदार कोर्ट ने जमानत याचिका रद्द करते हुए मंगलवार देर शाम मनोज पमनानी को जेल भेज दिया है।आपको बताएं कि आम आदमी पार्टी प्रदेश संयुक्त सचिव मनोज पमनानी पर बीएनएस की धारा 170, 126(बी)और 135(3) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।जिनकी जमानत के लिए पहले उन्हें मंगलवार को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया वहां जाने पर पता चला कि एसडीएम गोपाल सोनी, 4 से 5 दिनों के लिए सीएल अवकाश पर चले गए हैं। जिसके चलते एसडीएम कोर्ट से मनोज पमनानी की जमानत नहीं हो सकी।जिसपर जमानत के लिए उन्हें देर शाम तहसीलकोर्ट में पेश किया गया। जहां प्रकरण पर सुनवाई करते हुए तहसीलदार सुनील वर्मा ने पहले तो मुचलके पर जमानत देने से इनकार कर दिया, फिर जमानत के लिए खड़े हुए पमनानी के सहयोगी व साथी ओमप्रकाश जायसवाल के जमीनी दस्तावेजों पर भी जमानत नहीं दी गई।तहसीलदार वर्मा द्वारा जमानत के लिए सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट मांगा गया, जो कि मनोज पमनानी या उनके कोई भी सहयोगी तत्काल उपलब्ध नहीं कर सके। जिसपर तहसीलदार वर्मा ने उन्हें जमानत देने से इनकार करते हुए जेल भेज दिया है।

तहसील कार्यालय से बनता है सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट/ हैसियत प्रमाण पत्र
आपको बताए कि सॉल्वेंसी सर्टिफिकेट एक आधिकारिक वित्तीय दस्तावेज है, जो किसी व्यक्ति या व्यवसाय की वित्तीय स्थिरता और साख को प्रमाणित करता है।यह इस बात का प्रमाण होता है कि व्यक्ति या संस्था अपने कर्जों और वित्तीय दायित्वों को चुकाने में पूरी तरह सक्षम है और दिवालिया नहीं है।जो तहसीलदार कार्यालय से तहसीलदार द्वारा 6 माह की अवधि के लिए जारी किया जाता है। 6 माह की अवधि के बाद यह सर्टिफिकेट कोई काम का नही रहता।इसीलिए ज्यादर आम लोग इसे नही बनवाते।बताया गया कि इसे बनवाने के लिए संपूर्ण दस्तावेजों के साथ आवेदन करना पड़ता है,ऑनलाइन ऑफलाइन आवेदन, और सम्पूर्ण दस्तावेजो की बारीकी से जांच पड़ताल कर यह प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।जिसे बनवाने में करीब 6 से 8 दिन का समय लगता है।

Byte सुनील वर्मा तहसीलदार

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