रोका जाए अवैध उत्खनन और शासकीय भूमि पर प्लाटिंग की प्रशासन करे जांच

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बालाघाट। गांव में पिछले कई वर्षों से चल रहे अवैध उत्खनन पर रोक लगाने और शासकीय भूमि पर प्लाटिंग कर उसकी बिक्री करने वाले मामले को लेकर ग्राम पंचायत डोंगरिया से आए सैकड़ो ग्रामीणों ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय में एक ज्ञापन सौपा है। जनसुनवाई में सौपे गए इस ज्ञापन में उन्होंने अवैध उत्खनन और शासकीय भूमि पर की गई प्लाटिंग की जांच करने और संबंधित व्यक्ति पर वैधानिक कार्यवाही किए जाने की मांग की है। जहां जल्द से उक्त मांग पूरी न होने पर उन्होंने गांव के समस्त ग्रामीणो के साथ मिलकर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किए जाने की चेतावनी दी है।

बड़े पैमाने पर हो रहा अवैध उत्खनन, सजाई जा रही प्लाटिंग
मंगलवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में ग्राम डोंगरिया तहसील लालबर्रा के ग्रामीणों ने कलेक्टर को आवेदन सौंपकर ग्राम में लंबे समय से चल रहे कथित अवैध उत्खनन, शासकीय भूमि पर अतिक्रमण तथा अवैध प्लाटिंग के मामलों की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई किए जाने की मांग की है।ग्रामीणों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि ग्राम डोंगरिया के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति और उसके पुत्र द्वारा द्वारा वर्षों से विभिन्न स्थानों पर बिना वैधानिक अनुमति और बिना रॉयल्टी जमा किए मिट्टी एवं मुरूम का उत्खनन कराया जा रहा है। साथ ही ग्राम क्षेत्र में विकसित की जा रही विभिन्न कॉलोनियों एवं प्लाटिंग परियोजनाओं में उनकी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी होने का भी आरोप लगाया गया है। जहां उन्होंने इस मामले में संबंधित व्यक्तियों पर दंडात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

शिकायतों पर भी नही हो रही कार्यवाही
आवेदन के अनुसार ग्राम डोंगरिया स्थित पहाड़ी क्षेत्र से पिछले कई वर्षों में बड़े पैमाने पर उत्खनन किया गया है। वहीं तालाब क्षेत्र में वर्तमान समय में भी अवैध उत्खनन जारी होने का आरोप लगाया गया है।ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों को मामले की शिकायतें की है वही विभिन्न मंचों पर मुद्दा उठाने के बावजूद अब तक संबंधितों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।ग्रामीणो ने आरोप लगाया है कि एक निजी कॉलोनी की सड़क निर्माण के लिए लगभग पांच एकड़ शासकीय भूमि का उपयोग किया गया है। इसके अलावा खिलिया मुठिया क्षेत्र में भी अवैध उत्खनन कर भूमि पर कब्जा किया गया है।आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि एक स्कूल परिसर में वर्तमान में जेसीबी एवं डंपरों के माध्यम से निर्माण कार्य किया जा रहा है तथा बिना ग्रामसभा प्रस्ताव के लगभग दो से ढाई एकड़ भूमि पर कब्जा कर निर्माण गतिविधियां संचालित किए जाने के आरोप लगाए गए हैं।

राजनीतिक प्रभाव और दबाव के कारण नही हो रही कार्यवाही
शिकायत में ग्राम डोंगरिया स्थित आमाबोड़ी तालाब का भी उल्लेख किया गया है।ग्रामीणों की माने तो राजस्व अभिलेखों में लगभग सात एकड़ दर्ज यह तालाब अवैध प्लाटिंग और अतिक्रमण के कारण सिकुड़कर करीब दो एकड़ के आसपास रह गया है, जिससे जल संरक्षण व्यवस्था प्रभावित हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि तालाब और आसपास के क्षेत्रों में लगातार मिट्टी भराव एवं प्लाटिंग का कार्य किया गया है।ग्रामीणों के अनुसार राजनीतिक प्रभाव और दबाव के कारण पिछले करीब दस वर्षों से शिकायतों के बावजूद संबंधित मामलों में प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है, जिससे शासन को राजस्व की क्षति पहुंच रही है तथा शासकीय संपत्तियों का स्वरूप भी प्रभावित हो रहा है।

मांग पूरी न होने पर करेंगे धरना प्रदर्शन आंदोलन- ग्रामीण
उक्त मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे ग्रामीण राजेन्द्र टेमरे और दीपचंद टेमरे सहित अन्य ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध राजस्व, खनिज एवं पंचायत राज अधिनियमों के तहत सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है। साथ ही अवैध उत्खनन, अतिक्रमण और प्लाटिंग से संबंधित सभी अभिलेखों की जांच कर शासकीय भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की भी गुहार लगाई है। जहां उन्होंने जल्द से जल्द वक्त मांग पूरी न होने पर धरना प्रदर्शन कर आंदोलन किए जाने की भी चेतावनी दी है।
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