इस्लामाबाद: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) और छात्रों के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान भारी बवाल हुआ है। सोमवार को छात्रों की संसद तक मार्च करने की जिद और पुलिस के उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग से कई क्षेत्रों में अफरातफरी देखी गई। इस विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा के पीछे पाकिस्तान से कथित उकसावे की जांच दिल्ली पुलिस कर रही है। इस बीच पाकिस्तान से कई ऐसे वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें जंतर-मंतर के प्रोटेस्ट को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान के कई सीनियर पत्रकार लगातार दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर शो कर रहे हैं। पाकिस्तानी जर्नलिस्ट रऊफ कलासरा ने इस पर बात करते हुए कहा, ‘दिल्ली में पुलिस ने छात्रों की बेरहमी से पिटाई की है। पहले हमने पाकिस्तान के लिए ‘हार्ड स्टेट’ शब्द सुना था, जहां सख्ती से आंदोलनों से निपटा जाता है। ऐसा लगता है कि भारत में भी ऐसा ही हो रहा है।’ रऊफ के अलावा भी कई पत्रकारों ने इसी तरह की आक्रामक बातें प्रदर्शन को लेकर की हैं।










































