पाइपलाइन में गड़बड़ी से १० वार्डों में पानी का संकट, ग्रामीणों आक्रोशित
पद्मेश न्यूज। वारासिवनी। वारासिवनी जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत देवगांव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी हर घर नल हर घर जल योजना प्रशासनिक लापरवाही और बदहाली का शिकार होकर रह गई है। गांव के एक.दो नहीं बल्कि वार्ड क्रमांक १ से लेकर १० तक के ग्रामीण पानी की समस्या से परेशान हैं। कुछ गलियों में तो पानी ही नहीं पहुंच पा रहा है जहां काफी समस्या बनी हुई हैं।
तकनीकी खराबी से १० वार्ड में बनी है पानी की समस्या
प्राप्त जानकारी के अनुसार जल संकट की मुख्य वजह पानी की टंकी से जोड़ी गई पाइपलाइन का गलत लेवल स्तर होना बताया जा रहा है। लेवल सही नही होने के कारण टंकी से छोड़ा गया पानी पाइपलाइन के आखिरी छोर और ऊंचाई वाले इलाकों तक पहुंच ही नहीं पाता। तकनीकी त्रुटियों के चलते योजना अपने उद्देश्यों पर खरी नहीं उतर पा रही है। वर्ष २०२० में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तहत देवगांव में नल जल योजना स्वीकृत हुई थी। योजना का निर्माण कार्य कछुआ गति से चला। कभी सिर्फ पिलर खड़े कर छोड़ दिए गए तो कभी ढांचा बनाकर काम रोक दिया गया। जैसे तैसे वर्ष २०२३ में टंकी का निर्माण पूरा हुआ लेकिन इसके तुरंत बाद टंकी से पानी का रिसाव लीकेज शुरू हो गया। लंबे समय तक ठीक करने की जहमत विभाग ने उठाई। स्वतंत्रता दिवस २०२४ के अवसर पर ग्राम पंचायत के द्वारा गांव में पानी का औपचारिक वितरण तो शुरू कर दिया गया लेकिन तकनीकी खामियों को सुधारे बिना शुरू की गई इस आपूर्ति ने ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ा दीं। जब भी टंकी से पानी छोड़ा जाता है तो शुरुआती घरों तक ही पानी सीमित रह जाता है। वार्ड १ से १० के अधिकांश परिवारों को या तो बहुत कम पानी मिलता है या फि र नल सूखे ही रह जाते हैं। बारिश के मौसम में जहां एक ओर जलस्रोत प्रदूषित होने का खतरा बना रहता है वहीं दूसरी ओर शुद्ध पेयजल नही मिलने से ग्रामीण काफी परेशान हैं। दैनिक आवश्यकताओं के लिए लोगों को दूर दराज स्थित कुओं और हैंडपंपों से पानी ढोने पर मजबूर होना पड़ रहा है। पीने के शुद्ध पानी के लिए ग्रामीण आसपास के निजी ट्यूबवेल या अन्य दूरस्थ नलों के चक्कर काटने को विवश हैं। इस समस्या को लेकर वे कई बार ग्राम पंचायत और जिम्मेदार अधिकारियों को लिखित व मौखिक शिकायतें कर चुके हैं। इसके बावजूद अब तक इस तकनीकी त्रुटि को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। प्रशासन की इस उदासीनता से ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से मांग की है कि पाइपलाइन के लेवल और टंकी की खामियों में तत्काल सुधार कर सभी १० वार्डों में सुचारू रूप से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
नल जल योजना से पानी नही मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है-कपिल राउत
ग्रामीण कपिल राउत ने बताया कि नल जल की समस्या ऐसी है कि वार्ड नंबर १ से १० तक बराबर पानी वितरण नहीं हो रहा है व्यवस्था कहीं कहीं गड़बड़ गई है। टंकी में आधा पानी भरता है बाकी गिरता रहता है बहता रहता है मोटर चालू रख दी जाती है यह समस्या ६ महीने से बनी हुई है। इसका निराकरण होना चाहिए और सुधार किया जाना चाहिए ओवरफ्लो यहां ऊपर से दिया गया है पूरी टंकी बराबर नहीं भर पाती होगी जिससे लोगों के घर पानी नहीं पहुंचता है।
पंचायत की लापरवाही का दंश झेल रहे ग्रामीण-विकास चूरहे
विकास चूरहे ने बताया कि नल जल योजना में विभाग के द्वारा जो टंकी बनाकर पाइपलाइन का विस्तार किया गया है। वह व्यवस्थित नहीं किया गया है इसके पहले टंकी में पानी भरते समय वह आधी भरती थी ओवरफ्लो ऊपर से होता है मोटर बंद होते ही पानी वापस हो जाता था। अभी उसे सुधरे तो अब ऊपर में खुला रखा हुआ है भविष्य में तकलीफ हो सकती है कोई कुछ पानी में डाल दे तो पूरा गांव प्रभावित होगा उसे बंद करना चाहिए। ग्राम के कई घर है जहां पर पानी नहीं पहुंच रहा है पानी की मोटर पूरी रात चालू रहती है बंद करना भूल जाते हैं इस पर ध्यान देना चाहिए।
इनका कहना हैं
पहले जो आधी टंकी भरने की समस्या थी उसका सुधार हो गया है अभी पानी टंकी पूरी भरी जाती है। कुछ स्थानों पर ऊंचाई के कारण पानी नहीं पहुंच पा रहा है जिसमें सुधार के लिए विभाग से चर्चा की जा रही है। वहीं ओवरफ्लोर का ऊपर से जो ढक्कन खुला है उसे भी बंद करने का कार्य कर दिया जायेगा।
राजकुमार कावरे सरपंच देवगांव
बाइट कपिल राउत ग्रामीण










































