पहली बरसात में बंद हो जायेगा सिहोरा-रमपुरी मार्गप्रशासन की उदासीनता से दर्जनों गांवों का संपर्क टूटने का खतरा,

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पद्मेश न्यूज। लालबर्रा। नगर मुख्यालय से लगभग ६ किमी दूर स्थित सिहोरा पुल से रमपुरी पहुंच मार्ग इस वर्ष पहली ही बरसात में पूरी तरह बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। गत वर्ष नाले में आई भीषण बाढ़ के कारण इस मुख्य सडक़ का एक बड़ा हिस्सा मिट्टी के कटाव में बह गया था। वर्तमान में सडक़ का कुछ ही हिस्सा बचा हुआ है, जिससे ग्रामीण एवं राहगीर जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। जबकि ग्रामीणों के द्वारा शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को अनेकों बार इस समस्या से अवगत करवाया गया, लेकिन अब तक मरम्मत के लिए कोई सार्थक कदम नहीं उठाये गये। प्रशासन की इस उदासीनता से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। वहीं बरसात के पूर्व सडक़ जिस स्थान से क्षतिग्र्रस्त हो चुका है उक्त स्थान की मिट्टी कटाव को रोकने के लिए रिटर्निंगवॉल का निर्माण नही किया गया तो पहली बरसात में नाले में बाढ़ आने पर सिहोरा पुलिया से जाने वाली सिहोरा से रमपुरी पहुंच मार्ग बह जायेगी जिससे इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह से बंद हो जायेगा। ऐसी स्थिति में दर्जनों ग्रामों के ग्रामीणजनों का आवागमन प्रभावित हो सकता है जिससे सभी को आवागमन करने में बेहद परेशानियों का सामना करना पडेगा। इसलिए ग्रामीणजन एवं राहगीरों ने सडक़ का मरम्मत कार्य एवं मिट्टी कटाव को रोकने के लिए रिटर्निंगवॉल का निर्माण करवाने की शासन-प्रशासन से मांग की है।

दर्जनों गांवों का आवागमन होगा ठप, तय करनी पड़ेगी दोगुनी दूरी

आपकों बता दे कि यह मार्ग क्षेत्र की लाइफलाइन माना जाता है, जिससे दर्जनों गांव आपस में जुड़े हुए हैं। सिहोरा, रमपुरी, घटोलगांव, जाम, छिंदलई, लामता सहित अन्य ग्रामों के ग्रामीणजन रोजमर्रा के कामों, इलाज और शिक्षा के लिए इसी मार्ग से आवागमन करते है। लेकिन पिछले वर्ष सिहोरा से रमपुरी के बीच से गुजरने नाले में तेज बारिश में बाढ़ आने पर पुल के समीप से गुजरे मार्ग के किनारे की मिट्टी सडक़ के आधे हिस्से तक धसक चुका है। जिसका अब तक मरम्मत कार्य नही करवाया गया है, न ही क्षतिग्रस्त स्थान पर कोई संकेतक बोर्ड लगाये गये है कि इस मार्ग से धीरे चले, सडक़ खराब हो चुकी है। ऐसी स्थिति में चौपहिया एवं दुपहिया वाहन चालक तेज गति से गुजरते है। जबकि दुर से सडक़ जिस स्थान से क्षतिग्रस्त होकर धसक चुकी है वह दिखाई नही देता है। अगर तेज गति से वाहन गुजरते समय अगर वाहन अनियंत्रित होता है तो वह सीधे २० से २५ फीट नीचे नाले में जा सकते है। जिससे बड़ा हादसा घटित होने की संभावना बनी हुई है। जबकि यह मार्ग बालाघाट-सिवनी हाईवे मार्ग को जोड़ता है। बरसात के पूर्व सडक़ का मरम्मत एवं मिट्टी कटाव रोकने के लिए रिटर्निंगवाल का निर्माण नही किया गया तो इस वर्ष की पहली बरसात में नाले में बाढ़ आने पर सिहोरा से रमपुरी पहुंच मार्ग की नीचे की मिट्टी कटकर बह जायेगी और सडक़ पूरी तरह से धसक जायेगी। ऐसी स्थिति में इस मार्ग से आवागमन पूरी तरह से बंद हो जायेगी। जिससे इस मार्ग से आने-जाने वाले स्कूली बच्चों एवं राहगीर व ग्रामीणों को बेहद परेशानियों का सामना करना पड़ेगा और अधिक दुरी तय कर नगर मुख्यालय पहुंचना पड़ेगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते सडक़ का सुधार कार्य नहीं किया गया, तो इस बार नाले के उफान पर आते ही बची-खुची सडक़ भी पूरी तरह बह जायेगी और मार्ग बंद होने की स्थिति में लोगों को अन्य लंबे रास्तों से होकर जाना पड़ेगा, जिससे उनका समय खराब हो। साथ ही सडक़ ही नहीं, बल्कि रामपुरी से सिहोरा के बीच बना पुल भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है। भारी बारिश के दौरान यह पुल पानी में डूब जाता है, जिससे रास्ता वैसे ही बंद हो जाता है। यदि इस बार सडक़ और पुल दोनों बह गये, तो रमपुरी गांव के निवासी अपने ही गांव में कैद होकर रह जायेगें। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि बारिश का मौसम पूरी तरह सक्रिय होने से पहले युध्द स्तर पर सडक़ मरम्मत कार्य शुरू करवाया जाये ताकि आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे।

दूरभाष पर चर्चा में रमपुरी सरपंच श्याम मानेश्वर ने बताया कि सिहोरा पुल से रमपुरी पहुंच मार्ग के बीच में नाले किनारे से सडक़ का आधा हिस्सा पिछले वर्ष की बारिश में धसक चुका है। जिसके कारण इस मार्ग से आवागमन करने में परेशानी हो रही है, इस समस्या से सडक़ विभाग को अवगत करवा दिया गया है लेकिन अब तक मरम्मत कार्य नही करवाया गया है। जल्द सडक़ एवं मिट्टी कटाव को रोकने के लिए कार्य नही करवाया गया तो तेज बारिश होने एवं नाले में बाढ़ आने पर सडक़ कटकर बह जायेगी। जिससे आवागमन पूरी तरह से बंद हो जायेगा इसलिए प्रशासन से मांग है कि सडक़ का जल्द मरम्मत कार्य करवाये।

बाईट – १ अरविंद चावक ग्रामीण।
२ पवन लिल्हारे राहगीर।

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