बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क,भारत मुक्ति मोर्चा और भारतीय विघार्थी मोर्चा ने किया धरना प्रदर्शन

0

वर्षो से लंबित मांगो को लेकर की नारेबाजी, निकाली रैली, सौपा ज्ञापन,
22 सितंबर को प्रदर्शन एवं रैली,तो अंतिम चरण में19 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्तर की होगी सभा
फोटो
पदमेश न्यूज़।बालाघाट।वर्षों से लंबी अपनी विभिन्न सूत्रीय मांगे पूरी न होने से बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क, भारत मुक्ति मोर्चा और भारतीय विघार्थी मोर्चा के पदाधिकारी प्रदेश व केंद्र सरकार से खासे नाराज है। जहां बार-बार आवेदन निवेदन और ज्ञापन सौपने पर भी मांग पूरी न होने पर अब उन्होंने आंदोलन का रास्ता अपनाया है जिन्होंने अपनी विभिन्न मांगो को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। चरणबद्ध आंदोलन के दूसरे चरण के तहत संगठनों ने संयुक्त रूप से नगर के अंबेडकर चौक में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की, तो वहीं उन्होंने कलेक्ट कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन भी सौपा है। जिसमें उन्होंने जल्द से जल्द उनकी समस्त मांगो को पूरा किए जाने की गुहार लगाई है तो वहीं उन्होंने मांग पूरी न होने पर 20 सितंबर को जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन व रैली का आयोजन कर, आंदोलन की चौथे व अंतिम चरण में 19 अक्टूबर को नागपुर में राष्ट्रीय स्तर की सभा का आयोजन किए जाने की बात कही है।

धरना प्रदर्शन कर, की जमकर नारेबाजी
बौद्ध पुरातात्विक विरासतों के संरक्षण, धार्मिक स्थलों के अधिकार तथा नागपुर स्थित दीक्षाभूमि के सर्वांगीण विकास सहित अन्य मांग को लेकर बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क, भारत मुक्ति मोर्चा व भारतीय विघार्थी मोर्चा द्वारा जारी राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन के तहत प्रदर्शनकारियों ने देश की बौद्ध विरासतों के संरक्षण के साथ-साथ दीक्षाभूमि के विकास के लिए पर्याप्त भूमि और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुद्दा उठाया।बताया गया कि आंदोलन के तहत संगठन द्वारा चार चरण निर्धारित किए गए हैं। पहले चरण में 17 अगस्त 2026 को जिलाधिकारियों के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपे गए। दूसरे चरण में 20 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन किया गया। तीसरे चरण में 22 सितंबर 2026 को जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन एवं रैलियां आयोजित की जाएंगी। वहीं आंदोलन के चौथे और अंतिम चरण के रूप में 19 अक्टूबर 2026 को नागपुर में राष्ट्रीय स्तर की सभा आयोजित करने की घोषणा की गई है।

दीक्षाभूमि के लिए 20 एकड़ भूमि हस्तांतरण की मांग
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में नागपुर स्थित दीक्षाभूमि के सर्वांगीण विकास के लिए माता कचहरी की 16.5 एकड़ भूमि तथा कॉटन रिसर्च इंस्टीट्यूट की 3.5 एकड़ भूमि, कुल 20 एकड़ जमीन, विधि सम्मत प्रक्रिया के तहत हस्तांतरित किए जाने की मांग शामिल है। संगठन का कहना है कि दीक्षाभूमि विश्वभर के बौद्ध अनुयायियों के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणा एवं श्रद्धा का केंद्र है और यहां हर वर्ष बड़ी संख्या में अनुयायी पहुंचते हैं।संगठन के अनुसार पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण दीक्षाभूमि पहुंचने वाले लोगों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इनमें पार्किंग, शौचालय, साहित्य बिक्री केंद्र, बाहर से आने वाले अनुयायियों के ठहरने की व्यवस्था, भिक्खु प्रशिक्षण केंद्र, ट्रेनिंग सेंटर तथा धम्म प्रसार केंद्र जैसी सुविधाओं का अभाव प्रमुख है।आंदोलनकारियों ने कहा कि यदि मांग के अनुरूप भूमि उपलब्ध होती है तो दीक्षाभूमि का समुचित एवं व्यापक विकास किया जा सकता है।

बौद्ध गया टेंपल एक्ट 1949 समाप्त करने की मांग
आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में बौद्ध गया टेंपल एक्ट 1949 को रद्द करने की मांग भी शामिल है। संगठन का आरोप है कि महाबोधि महाविहार जैसे बौद्धों के महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के प्रबंधन एवं अधिकारों को लेकर वर्तमान व्यवस्था बौद्ध समुदाय के धार्मिक अधिकारों के अनुरूप नहीं है।आंदोलनकारियों ने संविधान के अनुच्छेद 25 में प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा कि बौद्ध समुदाय को अपने धार्मिक स्थलों एवं धार्मिक विरासतों के संरक्षण और प्रबंधन में उचित अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने बौद्ध गया टेंपल एक्ट 1949 की संवैधानिक वैधता पर भी सवाल उठाते हुए इसे समाप्त करने की मांग रखी है।

नागपुर में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध एवं पाली विश्वविद्यालय की मांग
संगठन ने नागपुर में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध एवं पाली विश्वविद्यालय की स्थापना किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई। उनका कहना है कि बौद्ध दर्शन, पाली भाष…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here