हीरापुर में हनुमान जयंती पर चोला धारण को लेकर विवाद

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ग्राम पंचायत हीरापुर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर मुकुट धारण कर शोभायात्रा निकालने को लेकर एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई है। इस मामले में हनुमान जी का चोला धारण करने वाले एक साधक ने स्वयं पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक बालाघाट को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में साधक ने अपने ही क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि कुछ लोग उन्हें हनुमान जी का चोला धारण करने और परंपरागत रूप से मुकुट पहनकर शोभायात्रा निकालने से रोक रहे हैं। इस कारण क्षेत्र में अनावश्यक विवाद की स्थिति बन रही है। साधक ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए ।

जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत हीरापुर में पिछले कुछ वर्षों से हनुमान जयंती के अवसर पर हनुमान जी का चोला और मुकुट धारण करने को लेकर विवाद की स्थिति बनती रही है। इस वर्ष भी हनुमान जयंती से पहले इसी मुद्दे को लेकर फिर से मतभेद सामने आ गए हैं। आगामी 2 अप्रैल को हनुमान जयंती का आयोजन प्रस्तावित है, जिसके तहत हर वर्ष की तरह विष्णुधाम मंदिर से हनुमान जन्मोत्सव सेवा दल समिति द्वारा शोभायात्रा निकाली जाती है। इस शोभायात्रा में परंपरा के अनुसार एक साधक हनुमान जी का चोला और मुकुट धारण कर नगर भ्रमण करता है। इस बार इसी परंपरा को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हनुमान जी का चोला धारण करने वाले निलेश सोनवाने ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें इस बार हनुमान जयंती पर मुकुट और चोला धारण करने से रोका जा रहा है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने क्षेत्र के कुछ लोगों के नाम का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया है कि उन्हें धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने से रोका जा रहा है। निलेश सोनवाने का कहना है कि वे पिछले लगभग दो महीनों से हनुमान जन्मोत्सव की तैयारी के तहत ब्रह्मचर्य का पालन कर रहे हैं और नियमित रूप से मंदिर में पूजा पाठ कर रहे हैं। उनके अनुसार, अब कुछ लोग उन्हें चोला और मुकुट धारण करने से मना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके द्वारा लगाए गए पोस्टर भी कुछ लोगों द्वारा हटाए और फाड़े जा रहे हैं। उन्हें वर्ग विशेष का बता कर चोला धारण करने से रोका जा रहा हैं , इन सभी बातों को लेकर उन्होंने 9 मार्च को जिला मुख्यालय पहुंचकर पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा और मामले में उचित कार्रवाई की मांग की।

लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं- अनिल बिसेन

इस पूरे मामले को लेकर जब भरवेली ग्राम पंचायत के सरपंच प्रतिनिधि अनिल बिसेन से चर्चा की गई तो उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि हीरापुर स्थित हनुमान मंदिर में वास्तव में विवाद की स्थिति इसलिए बनी है क्योंकि इस बार दो साधक हनुमान जी का पाठ कर चोला और मुकुट धारण करने की इच्छा जता रहे हैं। इसी विषय को लेकर सामाजिक स्तर पर बैठक भी आयोजित की गई थी, ताकि आपसी सहमति से समाधान निकाला जा सके। अनिल बिसेन के अनुसार बैठक में यह प्रस्ताव भी रखा गया था कि इस वर्ष एक साधक को मौका दिया जाए और अगले वर्ष दूसरे साधक को अवसर प्रदान किया जाए, जिससे विवाद समाप्त हो सके। लेकिन बैठक में निलेश सोनवाने द्वारा इस प्रस्ताव पर कोई सहमति नहीं दी गई और बिना समाधान के बैठक समाप्त हो गई। उनका कहना है कि उन्होंने केवल समझाइश देने का प्रयास किया था, लेकिन अब उन्हें ही इस मामले में निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी धार्मिक कार्यक्रम में हस्तक्षेप नहीं करते और उनके ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मंदिर में एक से अधिक मुकुट उपलब्ध होते तो दोनों साधक चोला धारण कर सकते थे, लेकिन फिलहाल मुकुट एक ही होने के कारण विवाद की स्थिति बनी है। उन्होंने अंत में कहा कि यह धार्मिक आयोजन है और इसमें हर व्यक्ति को भगवान की पूजा-अर्चना करने का अधिकार है। अब यह मामला प्रशासन के संज्ञान में पहुंच गया है और हनुमान जयंती से पहले दोनों पक्षों के बीच समाधान निकालने की आवश्यकता महसूस की जा रही है, ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।

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