बालाघाट।
जिले के लामता थाना क्षेत्र के ग्राम दौनी में मंगलवार की दोपहर एक हंसता-खेलता माहौल अचानक मातम में बदल गया। 10 वर्षीय मासूम वर्षा पिता संतोष भलावी अपनी सहेलियों के साथ तालाब में नहाने गई थी।लेकिन यह मासूम मस्ती उसकी जिंदगी की आखिरी घड़ी बन गई। गहरे पानी में फंसने से उसकी तालाब में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने न सिर्फ एक परिवार को उजाड़ दिया।बल्कि पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
भाई की बेबसी और बहन की अंतिम पुकार
जब वर्षा गहरे पानी में डूबने लगी, तो उसकी सहेलियां घबराकर गांव की ओर मदद के लिए दौड़ीं। जैसे ही यह खबर घर पहुंची।उसका भाई बिना एक पल गंवाए तालाब की ओर भागा और सीधे पानी में कूद पड़ा।
अपनी बहन को बचाने के लिए उसने पूरी ताकत झोंक दी। वह वर्षा तक पहुंचा और उसे पकड़कर किनारे लाने की कोशिश भी की, लेकिन पानी की गहराई और तेज दबाव ने उसे भी अपनी गिरफ्त में लेना शुरू कर दिया।
मौत को बेहद करीब महसूस करते हुए, भारी मन और टूटते हौसले के साथ उसे अपनी बहन को छोड़कर खुद की जान बचानी पड़ी। यह पल इतना दर्दनाक था कि जिसने भी सुना, उसकी आंखें नम हो गईं। भाई की यह बेबसी आज पूरे गांव के दिल को चीर रही है।
गांव में पसरा मातम और सन्नाटा
बाद में ग्रामीण अनिरुद्ध उईके ने कड़ी मशक्कत के बाद वर्षा के शव को तालाब से बाहर निकाला। सूचना मिलते ही एएसआई तिलक दुरूगकर मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।दोपहर 3 से 4 बजे के बीच हुई इस घटना ने पूरे गांव की रौनक छीन ली। जहां कुछ समय पहले बच्चों की हंसी गूंज रही थी। वहां अब सिसकियां और गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। लेकिन इस हादसे ने जो जख्म दिए हैं, उन्हें भर पाना शायद कभी संभव नहीं होगा।










































